संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों का नामांकन किया जाना है, अभी तक मात्र 2300 दिव्यांग बच्चों का ही नामांकन हो पाया है। जिस पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने नाराजगी जाहिर की है। बीएसए ने प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक को चेतावनी जारी किया है। नामांकन लक्ष्य पूरा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि 29 अप्रैल को राज्य परियोजना कार्यालय के जरिये आनलाइन बैठक हुई। इसमें जिले में दिव्यांग बच्चों का चिह्नांकन और नामांकन अत्यंत शून्य पाया गया है। कुल चिह्नांकन बच्चों का लगभग दो प्रतिशत नामांकन नहीं कराया गया है। जिले में छह से 14 वर्ष के एक लाख 50 हजार बच्चे चिह्नित हैं, जबकि दिव्यांग बच्चों की संख्या तीन हजार होनी चाहिए। अभी तक 2300 दिव्यांग बच्चे ही चिह्नित हो पाए हैं। ऐसे में दिव्यांग बच्चों का चिह्नांकन जरूरी है। इस कार्य में प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक लगाए गए हैं। ऐसे में सभी प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक दिव्यांग बच्चों का चिह्नांकन कर उनका नामांकन नजदीक के परिषदीय स्कूल में कराए। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।