संतकबीरनगर। जिले के छह ओडीएफ प्लस चयनित गांवों में कूड़ा ढोने के लिए खरीदे गए ई- रिक्शा में प्रधान व सचिव ने गोलमाल किया है। डेढ़ लाख रुपये की कीमत के ई- रिक्शा को दो लाख में खरीद दिखाई है। इस गड़बडी को पंचायती राज निदेशक ने पकड़ा और प्रधान- सचिव से रकम की वसूली कराए जाने का डीपीआरओ को निर्देश दिया।
जिले के हैंसर बाजार ब्लॉक के चपरा पूर्वी, घोरांग,नाथनगर ब्लॉक के महुली खास, छितही, नाथनगर, मेंहदावल के बढ़या, नंदौर, सेमरियावा ब्लॉक के सेमरियावा और सांथा ब्लॉक के लोहरसन का चयन ओडीएफ प्लस गांव के रूप में हुआ है। इन गांवों में शहर के मॉडल में स्वच्छता के लिए कार्य योजना बनी थी। इसके तहत रिसोर्स रिकवरी सेंटर, खाद्य गड्ढा, सोख्ता गड्ढा, हैंडपंप के चबूतरे आदि बनवाने हैं। दो दिन पूर्व ओडीएफ प्लस गांवों में हुए कार्यों की समीक्षा करने पंचायतराज निदेशक प्रमोद कुमार उपाध्याय जिले में आए थे। समीक्षा में लोहसन और बढ़या में कार्य की गति बेहद सुस्त मिली।
डीपीआरओ प्रमोद यादव ने बताया कि पंचायत राज निदेशक ने लोहरसन में खाद गड्ढे का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं पाया। इसमें प्रधान और सचिव से वसूली कराए जाने का निर्देश दिया है। बढ़या में एक व्यक्ति के निजी देसी हैंडपंप का चबूतरा बनवा दिया गया है। इसमें भी प्रधान और सचिव से वसूली कराने को कहा है। छह गांवों में कूड़ा ढोने के लिए ई-रिक्शा खरीदा गया। डेढ़ लाख रुपये कीमत का ई-रिक्शा दो लाख में खरीदा गया है। संबंधित छह गांवों के प्रधान और सचिव से 50-50 हजार रुपये की वसूली कराए जाने का निर्देश दिया है। एक गांव में तीन इंसीनरेटर लगा दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की।
पंचायती राज निदेशक ने निर्देश दिया कि 30 मई तक अधूरे कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाए। ऐसा नहीं करने पर प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।