मेंहदावल। विकास खंड मेंहदावल के ग्राम पंचायतों में 170 सफाई कर्मियों की कागज में तैनाती है। वहीं स्वच्छता व संचारी पखवारा में रोस्टर में केवल 163 सफाई कर्मी लगाए गए है। जबकि सात सफाई कर्मी रोस्टर सूची में ही नहीं। वही खंड विकास कार्यालय के एक कर्मचारी ने बताया कि रोस्टर से बाहर जो सफाई कर्मी है, वह कार्यालय में बाबू का काम करते है, जबकि उनकी तैनाती ग्राम पंचायतों में कागजों में चल रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। जिससे गांव की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।
मेंहदावल विकासखंड में कुल 71 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें कुल 170 सफाई कर्मियों की तैनाती है। वर्तमान समय में संचारी एवं स्वच्छता पखवाड़ा के तहत सफाई कर्मियों की विकासखंड के आठ न्याय पंचायत के ग्राम पंचायतों में रोस्टर के अनुसार साफ-सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन रोस्टर केवल 163 सफाई कर्मियों का ही बनाया गया है। अन्य सफाई कर्मी रोस्टर के अनुसार ड्यूटी करने की जगह खंड विकास कार्यालय में बाबू का काम कर रहे हैं। खंड विकास कार्यालय एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छह सफाई कर्मी कार्यालय में बाबू का काम करते है, जबकि एक सफाई कर्मी सुबह खंड विकास कार्यालय व परिसर की साफ- सफाई के लिए लगाया गया है। रोस्टर केवल 163 सफाई कर्मियों की बनाई गई है, वही रोस्टर के अनुसार ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई कर रहे हैं। सवाल यह खड़ा हो रहा है की शासन ने ग्राम पंचायतों में साफ- सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती की थी, लेकिन गांव में स्वच्छता अभियान धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। वही खंड विकास कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी सफाई कर्मियों से गांव में साफ सफाई का कार्य लेने की जगह कार्यालय में बाबू बनाकर अपना काम निपटा रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की इस मनमानी व्यवस्था को लेकर कई सफाई कर्मी भी अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उसके बाद भी खंड विकास अधिकारी तथा एडीओ पंचायत सफाई कर्मियों से गांव में स्वच्छता अभियान का काम लेने की जगह कार्यालय में ही रखे हुए हैं। इस संबंध में एडीओ पंचायत राजेश पांडेय ने बताया कि 163 सफाई कर्मी रोस्टर के अनुसार न्याय पंचायतों में स्वच्छता व संचारी पखवारा के तहत साफ-सफाई व्यवस्था में लगे हैं। जबकि छह सफाई कर्मी कार्यालय में संबद्ध है। एक सफाई कर्मी कार्यालय परिसर की सफाई में लगाया गया है। इसलिए उक्त सातों कर्मचारी रोस्टर से बाहर रखे गए।