संतकबीरनगर। भीषण गर्मी से राहत के लिए सभी को पानी की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में अपनी समस्या के समाधान के लिए सरकारी संस्थानों में आने वाले लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। धनघटा तहसील हो या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली, यहां पानी के लिए लोग भटक रहे हैं।
धनघटा तहसील का सृजन हुए 26 वर्ष बीतने को हैं, लेकिन तहसील परिसर में आने वाले फरियादी हो या अधिवक्ता इनके लिए मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम आज तक नहीं हो सका है। तहसील में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सप्लाई के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण वर्ष 2000 में किया गया।
ट्रायल के समय ही तहसील परिसर में बिछाई गई पाइप लाइन से टोंटी की जगह रास्ते से पानी बहना शुरू हो गया। तभी से ओवरहेड टैंक बंद है, और उसका मोटर भी गायब है। पानी के लिए आरओ प्लांट भी वर्ष 2018 में लगाया गया, जो आज तक चालू नहीं हो सका है। तहसील परिसर में एक इंडिया मार्क हैंड पंप लगा है जो तहसीलदार के आवास के सामने होने से आम लोग वहां नहीं पहुंच पाते हैं।
कुल मिलाकर धनघटा तहसील में फरियादियों और अधिवक्ताओं के लिए पानी पीने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। प्रदीप कुमार दुबे, अवधेश कुमार, भास्कर, रामकेश, नवीन कुमार ने तहसील परिसर में पानी के इंतजाम की मांग की है। इसी तरह सब रजिस्ट्रार कार्यालय धनघटा में जमीनों का क्रय विक्रय करने के लिए आने वाले लोगों को पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे बुरा हाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली का है। जहां जरूरत पड़ने पर पानी के लिए लोगों को 200 से 300 मीटर चलना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में लगाया गया, इंडिया मार्का हैंड पंप इंटरलॉकिंग कार्य होने की वजह से उखाड़ दी गई है तो आरओ प्लाट बंद होकर शोपीस बना हुआ है।
इस संबंध में एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि तहसील परिसर हो या अस्पताल इन स्थानों पर पीने के लिए पानी के संसाधन को तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। इस समस्या से लोगों को जल्द ही निजात मिल जाएगी।