दोहरा हत्याकांड: न घटना का सुराग लगा, न ही हत्यारोपी हुए चिह्नित
- एसओजी और पुलिस का आधुनिक तंत्र भी घटना का पता लगाने में विफल
- एसपी की चार टीमों के अलावा कुछ तेज तर्रार इंस्पेक्टर और दरोगा भी जांच में जुटे
- पुलिस का मजबूत सूचना तंत्र होने का दावा भी हो रहा फेल
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के इमिलडीहा गांव में बाप-बेटे की हुई हत्या के मामले में चार दिन बीत गए, लेकिन अभी तक पुलिस न तो घटना का सुराग लगा पाई और न ही हत्यारोपी चिह्नित हुए। अलबत्ता झांड़-फूंक और नजदीकियों की ओर पुलिस की शक की सूई घूम गई है। बाप-बेटे की हत्या के तार गांव से ही जुड़े होने का पुलिस को शक है।
इमिलडीहा गांव निवासी 42 वर्षीय गनेश चौहान पुत्र जंगली और उनके 14 वर्षीय बेटे धर्मवीर की बीते बुधवार रात खेत में सोने के दौरान धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच में जुट गई। पुलिस की फोरेसिंक टीम, सर्विलांस टीम और एसओजी टीम भी पर्दाफाश के प्रयास में जुटी हुई है। इसके अलावा एसपी की गठित चार टीमें लगी हैं। जिले के कुछ थानों के तेज तर्रार माने-जाने वाले इंस्पेक्टर और दरोगा भी लगाए गए हैं। हर दिन पुलिस की टीम इमिलडीहा गांव पहुंच रही है। घटनास्थल से लेकर गांव में सुराग लगा रही है, लेकिन अभी तक पुलिस की टीमें इस बात का पता नहीं लगा पाई कि हत्या क्यों हुई और किसने की। पुलिस से जुड़े सूत्रों की माने तो एसपी की गठित टीमों का शक झांडफूंक की ओर अधिक गहरा गया है। इसके साथ ही घटना के तार गांव से ही जुड़े होने का पुलिस टीम को शक है। पीड़ित परिवार के कुछ नजदीकियों को भी शक के दायरे में लेकर जांच कर रही है। फिर भी पुलिस को अभी तक कोई ऐसा मजबूत साक्ष्य हाथ नहीं लगा है, जिससे संदिग्धों पर पुलिस हाथ डाल सकें। घटना के पर्दाफाश में हो रही देरी से पुलिस के मजबूत सूचनातंत्र होने के दावों की भी पोल खुल रही है। लोगों की निगाहे इस घटना के पर्दाफाश की ओर टिकी है। संवाद
दोहरे हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। वैसे अभी तक कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। झांड़फूंक और नजदीकियों की ओर पुलिस के शक की सुई घूमी है। वैसे पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही हत्या का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
- सोनम कुमार, एसपी