घर-घर कूड़ा उठाने की योजना ठप
जगह-जगह फेंक दिए जा रहे कूड़े, संक्रामक बीमारियों की आशंका
पालिका प्रशासन सिर्फ आश्वासन तक सिमटा
संतकबीरनगर। नगर पालिका क्षेत्र में घर-घर कूड़ा एकत्र करने की योजना कई महीने से ठप है। लोगों के घरों से निकलने वाला कूड़ा सड़क के किनारे ही फेंक दिए जा रहे हैं। बरसात में कूड़ा सड़कर दुर्गंध फैला रहे हैं। संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है। जबकि नगर पालिका प्रशासन केवल आश्वासन तक सिमटा हुआ है।
कोविड महामारी से पहले नगर पालिका क्षेत्र में सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए 65 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सफाई कर्मी घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करते थे। सफाई कर्मी घर के सामने पहुंचते ही सीटी बजाकर लोगों को कूड़ा देने का आग्रह करते थे। इससे शहर में गंदगी काफी हद तक दूर हो गई थी।
शहरवासी भी इस योजना से खुश थे, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लगा और दुकानें बंद हो गई तो यह व्यवस्था भी ठप कर दी गई। स्थिति यह है कि शहर में जगह-जगह कूड़े फेंके जा रहे हैं। शहर वासी दिलीप कुमार, मुकेश कुमार, चंद्रिका आदि ने कहा कि पूर्व में कूड़ा उठाने के लिए सफाई कर्मी घर-घर पहुंचते थे तो काफी सहूलियत थी, लेकिन अब कूड़ा घर के बाहर सड़क पर रखने की मजबूरी है।
इन लोगों ने मांग की कि पूर्व की व्यवस्था फिर से लागू की जाए। वर्तमान में सफाई कर्मी सड़क के किनारे खाली स्थान पर ही कूड़ा फेंक देते हैं। बारिश होने पर कूड़ा सड़कर दुर्गंध पैदा कर रहा है। उधर से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी होती है।
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कोट
कोरोना महामारी के चलते घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था रोकनी पड़ी थी। अब नए सिरे से पहल की जा रही है। जल्द ही इस योजना को शुरू कराया जाएगा।
-श्याम सुंदर वर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका