संतकबीरनगर। जिले के सीएचसी नाथनगर पर रात में न तो कोई स्टाफ मिलता है और न ही चिकित्सक मौजूद रहते हैं। रात में कुछ गंभीर मरीज इलाज के लिए सीएचसी नाथनगर पर पहुंचे। वहां पर किसी चिकित्सक व स्टाफ के मौजूद न रहने पर वापस लौट कर प्राइवेट अस्पताल में अपना उपचार कराया।
शासन की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा नाथनगर सीएचसी पर पूरी तरह से कारगर सिद्ध नहीं हो पा रहा है। चिकित्सक की लापरवाही और अस्पताल में समय से उपस्थित न रहना क्षेत्र के लोगों को भारी पड़ रहा है। अक्सर रात के समय में इमरजेंसी होने पर अस्पताल जाने के बाद चिकित्सक के रहने पर मरीज परेशान हाल होकर भटकते है। ऐसा ही नजारा शुक्रवार की रात को सीएचसी नाथनगर पर देखने को मिला। महुली थाना क्षेत्र निवासी शेषनाथ, राहुल अपने परिजन की तबियत खराब होने पर अस्पताल पहुंचे, लेकिन रात में कोई चिकित्सक इमरजेंसी में नहीं मिला। जिसके बाद वह लोग वापस लौट गए।
इसी तरह से अभिषेक की मानें तो वह तेज बुखार से पीडि़त बहन को लेकर नाथनगर सीएचसी पर पहुंचे। सीएचसी पर कोई कर्मचारी न होने की वजह से बहन का इलाज वहां पर नहीं हो पाया। चिकित्सक एवं इमरजेंसी रूम पूरी तरह से खाली रहा। इसके अलावा पूरे अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो स्टाफ का कोई सदस्य न मिलने से कई मरीजों को अस्पताल से वापस लौटने के लिए विवश होना पड़ा।
रात के समय में ड्यूटी लगती है। एक स्वीपर हर वक्त मौजूद रहता है। इस संबंध में ड़यूटी रजिस्टर चेक किया जाएगा। रात के समय में चिकित्सकन ऑनकाॅल रहते हैं। पूछताछ करने पर पाया गया कि सभी लोग अस्पताल पर मौजूद थे।
डॉ. राजेश चौधरी, प्रभारी सीएचसी
ईमरजेंसी में चिकित्सक को मौजूद रहना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो जिम्मेदारों से जवाब तलब किया जाएगा। इसमे जिसकी लापरवाही पाई जाएगी। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ