संतकबीरनगर। राज्य शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष व सहायक अध्यापक नवीन त्रिपाठी को बीएसए ने बुुधवार की देर रात निलंबित कर दिया। नवीन त्रिपाठी पर वित्त लेखाधिकारी से दुर्व्यवहार और विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप है। निलंबन की अवधि में उन्हें प्राथमिक विद्यालय मेंहदूपार से संबंद्ध किया गया है।
बीएसए अतुल कुुमार तिवारी ने बताया कि राज्य शैक्षिक महासंघ का धरना 22 जून को कार्यालय पर प्रस्तावित था। जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने ज्ञापन सौपा। उसके बाद शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से लौट चुके थे। लेकिन नवीन त्रिपाठी के जरिए सभी अध्यापकों को उकसाकर वित्त लेखाधिकारी कार्यालय पर ले जाया गया। बिना पूर्व अनुमति के इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों का नेतृत्व करते हुए अराजक तरीके से कार्यालय में आ धमके। जिसे सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है। इसके बाद नवीन त्रिपाठी ने सहायक अध्यापक संगीता के वेतन भुगतान के बारे में पूछताछ किया। जिसके बारे में उन्हें बताया गया कि वेतन लगाने की कार्रवाई गतिमान है। इसके बाद जिलाध्यक्ष बदतमीजी करने लगे। इसके साथ ही धमकी भी दिए अगर संगीता के वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। इसके साथ ही इन पर अन्य गंभीर आरोप है। यह समय-समय पर विभाग की छवि भी धूमिल करते है। यहीं नहीं विभाग की छवि टवीटर पर भी धूमिल करते है। जिसका साक्ष्य है। नवीन त्रिपाठी सहायक अध्यापक केंचुआखोर सांथा को सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरूद्घ मनमाने कृत्य के कारण निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में यह प्राथमिक विद्यालय मेंहदूपार सांथा से संबंद्ध रहेंगे। निलंबन प्रकरण की जांच के लिए नामित अधिकारी का आदेश बाद में जारी किया जाएगा।
कार्रवाई पूर्वाग्रह से ग्रसित : नवीन
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने कहा कि निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह से पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उनसे स्पष्टीकरण लिए बिना ही निलंबित किया गया है जो नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है। लेखा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने तथा वायरल आडियो के प्रतिशोध में यह कार्रवाई की गई है। शिक्षकों के हित के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार रहेंगे। विभाग संगठन और शिक्षकों की आवाज दबाना चाहता है।