- फर्जीवाड़ा रोकने की पहल, जो काम हुए उसे दीवाल पर दर्शाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट की राशि खर्च करने का विवरण स्कूलों की दीवारों पर लिखा जाएगा। खर्च का पूरा विवरण प्रधानाध्यापकों को देना होगा। कंपोजिट ग्रांट में फर्जीवाड़े को देखते हुए शासन की ओर से यह निर्णय लिया गया है।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल है। इसमे 805 प्राथमिक विद्यालय, 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 250 कंपोजिट विद्यालय है। इन विद्यालयों को हर साल कंपोजिट ग्रांट के तहत अलग-अलग रकम भेजी जाती है। इसमे माध्यम से स्कूलों में मरम्मत, साफ-सफाई का सामान, वॉल पेटिंग, स्कूलों की रंगाई- पुताई सहित अन्य जरूरत का सामान खरीदा जाता है। छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों को इसी हिसाब से बजट भी जारी होता है। इसमे गडबड़ी रोकने के लिए शासन स्तर से स्कूलों की दीवारों पर कंपोजिट ग्रांट की रकम लिखे जाने का निर्देश दिया गया है। स्कूलों की एक दीवार चिन्हित करके प्रधानाध्यापक एक-एक पैसे का हिसाब दीवारों पर लिखवाएंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य है कि आम लोगों को खर्च की जानकारी हो सके कि कंपोजिट ग्रांट से क्या-क्या काम कराए गए है। इस व्यवस्था से परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि कंपोजिट ग्रांट की धनराशि से जो कार्य हुए है उसे वाल पेटिंग कराकर लिखवा दिया जाए। ताकि अभिभावकों और गांव के लोगाें को जानकारी हो सके।