- अभिलेख न होने के कारण परेशान हैं 1200 से अधिक लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तहसील प्रशासन की लापरवाही के चलते किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित चपरा पूर्वी गांव के किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। काफी संख्या में तहसील पर पहुंचे किसानों ने हंगामा करते हुए चपरा पूर्वी गांव के अभिलेख को उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य बंधु प्रसाद चौहान, भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष नेबूल मिश्रा, अमरजीत गुप्ता, रामप्यारे, रामचंद्र, मुन्नर, हरिश्चंद्र, दारा सिंह, रमेश आदि लोग तहसील पर पहुंचे। किसानों का कहना था ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी अधिक आबादी वाला गांव है। घाघरा नदी के किनारे बसे हुए इस गांव के किसान प्रतिवर्ष बाढ़ और कटान का दंश झेलते हैं।
धनघटा में तहसील का सृजन हुआ तो उसी समय इस गांव का भूमि संबंधित अभिलेख और नक्शा गायब हो गया। जिसके कारण तभी से चपरा पूर्वी गांव के किसानों को सरकार की किसी भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। यही नहीं अभिलेख न होने के कारण यहां के किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं। प्रतिवर्ष बाढ़ के कारण नष्ट होने वाली फसल का मुआवजा राशि मिलने में अभिलेख बाधा बने हुए हैं।
गांव वालों का कहना है की अभिलेख की मांग को लेकर तहसील और जिले के उच्चाधिकारियों से मिलकर अभिलेख उपलब्ध कराए जाने की मांग किया की। लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण यहां के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा। इसके लिए राजस्व परिषद से संपर्क किया जा रहा है।