आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार बढ़ाने में जुटा विभाग
-अब आशा, आशा संगिनी, सीएचओ व आयुष्मान मित्र को लगाया
- प्रतिदिन सीएमओ को सौंपी जा रही है रिपोर्ट
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार जिले में काफी सुस्त है। ऐसे में इसमें तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य महकमा जुट गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आशा, आशा संगिनी, सीएचओ व आयुष्मान मित्र को लगाया है। प्रत्येक दिन इसकी मानीटरिंग की जा रही है और इसकी रिपोर्ट सीएमओ को दी जा रही है।
जिले में 83 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने हैं। इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर ने अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। इस दौरान वीएलई को लगाया और एक पखवारे तक अभियान चलाया गया। प्रत्येक ब्लॉक में इसके लिए चार से पांच वीएलई लगाए गए, लेकिन इसमें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। पूरे अभियान में करीब एक हजार कार्ड ही बन सकें। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग ने नए सिरे से अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत आशा, कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही आशा संगिनी को इसमें सहयोग के लिए लगाया गया।
प्रतिदिन आशा, आशा संगिनी, कम्युनिटी हेल्थ अधिकारी व ब्लॉक स्तर पर तैनात आयुष्मान मित्र को लगाकर पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। इसमें आयुष्मान कार्ड बनाने की स्थिति में सुधार हो रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि प्रत्येक ब्लॉक के करीब 250 से 300 कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसकी अधिकारियों द्वारा मानीटरिंग की जा रही है। प्रतिदिन सीएमओ को ऑनलाइन मीटिंग में इसकी रिपोर्ट सौंपी जा रही है। इस संबंध में अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने की गति तेज करने के लिए आशा, आशा संगिनी व कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों को लगाया गया है। इससे आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार बढ़ी है। जल्द ही लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।