सुबह छाया रहा घना कोहरा, दिन में निकली धूप
अधिकतम तापमान एक डिग्री, न्यूनतम में दो डिग्री सेल्सियस की हुई वृद्धि
सुबह ठंड के चलते जिला अस्पताल व रेलवे स्टेशन पर दिखा सन्नाटा
संतकबीरनगर। कोहरे व ठंड का असर बृहस्पतिवार को भी बना रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिन में धूप निकली तो लोगों को ठंड से राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते ही फिर कोहरे व ठंड से लोग परेशान दिखे।
बृहस्पतिवार को अधिकतम 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बुधवार को अधिकतम 18 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस था। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान में एक व न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। सुबह घना कोहरा छाया रहा। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई। कुछ ही दूरी पर दिखाई नहीं पड़ रहा था। ऐसे में यात्रियों को परेेेशानी उठानी पड़ी।
रेलवे स्टेेशन पर सुबह में सन्नाटा पसरा रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1000 से 1200 मरीज इलाज कराने आते हैं। वृहस्पतिवार को 200 से कम मरीज आए। दोपहर बाद सूरज के दर्शन हुए तो लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घरों से बाहर निकले। सड़क पर चहल-पहल बढ़ गई।
महिलाएं व बच्चे घर की छतों पर धूप का आनंद लेते दिखे। शाम होते ही फिर कोहरे और ठंड का असर दिखा और लोग घरों में दुबक गए। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
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आलू में झुलसा, राई व सरसों में माहू के प्रकोप की आशंका
संतकबीरनगर। तापमान में गिरावट एवं आर्द्धता में वृद्धि के कारण आलू में झुलसा एवं राई, सरसों में माहू के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। किसानों को सतर्कता बरतने की जररूत है। इससे बचने के लिए किसान फसल में दवा का छिड़काव करें।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि आलू की अगेती एवं पछेती फसल में झुलसा रोग होने पर निचली व पुरानी पत्तियों पर छोटे अंडाकार भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। इसका प्रभाव पत्तियों और कंद दोनों पर पड़ता है। आलू में झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए मैन्कोजेन 75 प्रतिशत डब्लूपी दो किलोग्राम अथवा कॉपर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लूपी की 2.5 किलोग्राम की मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 500-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
उन्होंने बताया कि राई व सरसों का माहू कीट के शिशु एवं प्रौढ़ पौधों के कोमल तनो, पत्तियों, फूल एवं नई कलियों के रस चूसकर कमजोर कर देते हैं। कीट मधुश्राव भी करते हैं, काली फफूंद उग जाती है। फसल कमजोर हो जाती है। माहू को नियंत्रण के लिए एजाडीरैक्टिन 0.15 प्रतिशत ईसी की 2.5 लीटर मात्रा को 400-500 लीटर पानी में घोलकर बनाकर छिड़काव करें। संवाद