- तीन साल की होती है पढ़ाई, 60 सीटों पर मेरिट के आधार पर होता है प्रवेश
10 दिन में ही सीटें फुल हो गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में बीसीए कोर्स में छात्र-छात्राओं की डिमांड बढ़ी है। सेल्फ फाइनेंस कोर्स में विद्यार्थी रूचि ले रहे हैं। पिछले सत्र में 60 सीटें काॅलेज को मिली थीं जो पूरी तरह से फुल हो गई हैं। इस सत्र में अप्रैल के अंतिम सप्ताह से नामांकन शुरू होगा।
कॉलेज में वैसे तो स्नातक कला, विज्ञान, काॅमर्स आदि की पढ़ाई होती है। इन विषयों में सीटें भी अधिक हैं। इधर पिछले चार सालों में बीसीए की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं की डिमांड बढ़ गई है। तीन साल के कोर्स में छह सेमेस्टर की पढ़ाई होती है। प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चार साल पहले जब बीसीए कोर्स कॉलेज में संचालित हुआ तो नामांकन शून्य था, लेकिन पिछले वर्ष से इसकी डिमांड बढ़ गई। 10 दिन में ही सीटें फुल हो गई। कुल 60 सीटों पर प्रवेश लिया जाता है। विश्वविद्यालय से सीट बढ़ाने की मांग की गई है। अगर सीटें बढ़ेंगी तो इसका लाभ छात्रों को मिलेगा।
प्राचार्य ने बताया कि अप्रैल में सेमेस्टर परीक्षा शुरू होने जा रही है। इसके बाद नामांकन शुरू होगा। बताया कि बीसीए कोर्स को करने के बाद स्टूडेंट्स को डेटा स्ट्रक्चर, जावा, नेटवर्किंग, डेटाबेस, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आदि पर अच्छी कमांड हो जाती है। जिसके बाद डेटा एनालिस्ट, डेटा साइंटिस्ट, डिजिटल मार्केटर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी मैनेजमेंट और पेनिट्रेशन टेस्टर के तौर पर काम कर सकते हैं। इसमें अच्छा खासा वेतन भी है।
बीसीए कोर्स से मिल रहा लाभ
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में बीसीए में चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा देने की तैयारी कर रहे संदीप चौधरी और आत्मा तिवारी ने बताया कि बीसीए कोर्स में नामांकन लिया है। इससे प्राइवेट सेक्टर में नौकरी आसानी से मिल जाएगी। तैयारी के साथ ही डेटा अपलोड करने का काम एक सेंटर पर मिल गया है। दो घंटे तक काम करते हैं और पढ़ाई का पूरा खर्च मिल जाता है।