डीएपी खाद आई, पर पर्याप्त नहीं
किसानों में मचा हाहाकार
धनघटा। किसानों के लंबे इंतजार के बाद गोदामों पर डीएपी खाद पहुंची तो लेकिन ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। खाद के लिए किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। आलू, मटर, चना, सरसों की बुवाई करने के बाद किसान तेजी के साथ गेहूं की बुवाई शुरू कर दिए हैं। खेत की नमी कहीं चली न जाए इस लिहाज से जल्द से जल्द बुवाई करना किसान मुनासिब समझ रहे हैं, लेकिन बाजार से गायब होकर डीएपी खाद किसानी के कार्य में बाधा पहुंचा रही है।
तीन दिन पहले जिले में डीएपी की रैक लगने के बाद साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानदारों के यहां डीएपी पहुंची जरूर, लेकिन वह मांग के अनुरूप कम होने की वजह से सभी किसानों की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकी। जिन किसानों को खाद मिल गई वह तो बुवाई का कार्य कर रहे हैं, लेकिन जिन्हें नहीं मिल पाई वह खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। रामगुलाम, साधु, महादेव, घर भरन और यशोदा नंद आदि किसानों का कहना है कि डीएपी नहीं मिलने के कारण अभी तक एक भी विश्वा गेहूं की बुवाई नहीं कर सके हैं। साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानदारों के वहां खाद आई तो लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि बुवाई न होने के कारण प्रतिदिन खेत की नमी गायब होती जा रही है। समय से खाद मिल गई होती तो अब तक बुवाई समाप्त हो गई होती। अब किसी भी प्राइवेट दुकानदार और साधन सहकारी समिति पर डीएपी खाद नहीं है। जिस कारण खाद नहीं मिल रही है और बुवाई पिछड़ने लगी है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि किसान परेशान न हो। खाद की कोई कमी जिले में नहीं होगी। जल्द ही खाद की अगली रैक भी जिले में पहुंचेगी।