25 साल पहले मरे शख्स की जमीन का करा लिया बैनामा
वरासत नहीं होने की वजह से उत्तराधिकारी के नाम नहीं हुई थी जमीन
गांव के ही एक वृद्ध की फोटो लगाकर जमीन की करा ली गई रजिस्ट्री
अब न्याय के लिए थाने व तहसील का चक्कर काट रहा उत्तराधिकारी
धनघटा/रोसया बाजार(संतकबीरनगर)। शख्स के मरने के 25 साल बाद भी जमीन की वरासत उत्तराधिकारी के नाम नहीं हुई। इसका फायदा उठाकर गांव के एक व्यक्ति ने मरे हुए शख्स की जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया। इसकी जानकारी होने पर उत्तराधिकारी तहसील से लेकर थाने तक का चक्कर काट रहा है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
मामला धनघटा तहसील का है। इस तहसील में फर्जी तरीके से हो रही जमीन की रजिस्ट्री का सिलसिला नहीं थम रहा है। पहले भी फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री के तीन मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को चौथा मामला सामने आ गया है।
धनघटा तहसील के बछईपुर गांव निवासी इद्रीश पुत्र छोटू का आरोप है कि उसके चाचा सरफराज पुत्र मदारन की मौत फरवरी 1996 में हो गई थी। लेकिन, उनकी जमीन की वरासत नहीं हो पाई थी। 23 अक्तूबर 2021 को सरफराज की जमीन गांव के एक शख्स ने फर्जी तरीके से अपने नाम बैनामा करवा ली। दस्तावेज में गांव के ही एक वृद्ध की फोटो लगाकर उसे सरफराज दर्शा कर जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई है। इसकी जानकारी होने पर इद्रीश न्याय के लिए प्रार्थनापत्र लेकर तहसील से लेकर थाने तक का चक्कर काट रहे हैं।
अधिवक्ता प्रेम नारायण मिश्रा बताते हैं कि इस फर्जीवाड़े में लापरवाही तहसील प्रशासन की है। उसने सरफराज की मौत के 25 साल बाद उसकी जमीन को उसके उत्तराधिकारी के नाम से वरासत नहीं की। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी तरीके से बैनामा कराने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। जब प्रकरण मेरे समक्ष आएगा तो जांच कराएंगे। वरासत में जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार सिंह, प्रभारी डीएम