शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। पौने तीन साल पहले बखिरा क्षेत्र के जिवधरा में हत्या कर बोरे में रखी मिली अज्ञात युवती की पहचान अभी तक पुलिस नहीं करा पाई। अज्ञात में हत्या के दर्ज इस केस की विवेचना सही दिशा में नहीं किए जाने की वजह से गुत्थी उलझती चली गई। नतीजा यह है कि इस केस की विवेचना करने वाले चार इंस्पेक्टरों को परिनिंदा प्रवृष्टि भी मिल चुकी है।
30 अगस्त 2021 को बखिरा क्षेत्र के जिवधरा में एक अज्ञात युवती की लाश बोरे में मिली थी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक युवती की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच आंकी गई। पुलिस ने इस मामले में प्रधान की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या कर शव छुपाने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया।
इसी बीच मेंहदावल क्षेत्र का एक व्यक्ति ने कपड़े के आधार पर शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में करने का दावा किया। उसने बेटी का प्राइवेट सेंटर का अल्ट्रासाउंड पुलिस के समक्ष प्रस्तुत कर सात माह की गर्भवती होने का दावा किया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण एंटी मार्टम हैंगिंग आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के गर्भवती होने की पुष्टि नहीं हुई। इस केस की विवेचना सबसे पहले बखिरा के एसओ रहे इंस्पेक्टर चंदन कुमार ने शुरू की।
बाद में विवेचना बखिरा के एसओ रहे इंसपेक्टर विजय नरायन प्रसाद, इंस्पेक्टर अनिल कुमार, इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को मिलती गई। इन सभी विवेचकों ने अपने- अपने ढंग से केस की विवेचना की, लेकिन शव की शिनाख्त की पुष्टि नहीं हो पाई। एसपी की ओर से विवेचना की समीक्षा की गई और इन चारों इंस्पेक्टरों को प्रतिकूल प्रवृष्टि दी गई, जिसकी वजह से इनकी एसओ की कुर्सी भी सरक गई।
बाद में इसकी विवेचना इंस्पेक्टर अनुज सिंह को मिली और कुछ ही दिन बाद इनका स्थानांतरण दूसरे जिले में हो गया। इधर अपनी बेटी होने का दावा करने वाला व्यक्ति भी मुकर गया। अब इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अशोक सिंह को मिल गई है। आलम यह है कि अभी तक युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई। इसकी वजह से उसकी मौत के राज का पर्दाफाश नहीं हो पाया। इससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहा है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस युवती की शिनाख्त करा पाएगी, क्या हत्या का राज खुल पाएगा, यह सारे सवाल कायम है। संवाद
-
एसपी ने लखनऊ की टीम बुलाने के लिए किया पत्राचार
एसपी ने इस प्रकरण के पर्दाफाश में मदद के लिए लखनऊ से सीन रिक्रेएशन टीम को बुलाने के लिए पत्राचार किया है। उम्मीद है कि यह टीम आएगी तो कुछ न कुछ साक्ष्य जरूर हासिल होगा। अब पुलिस को इसी टीम पर भरोसा है, इसकी मदद से मामले की तह तक पुलिस पहुंचेगी।
-
वर्ष 2021 में बखिरा क्षेत्र के जिवधरा में बोरे में अज्ञात युवती की लाश मिली थी। इस मामले में हत्या कर शव छिपाने की कोशिश का केस अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ। इस मामले के चार विवेचकों ने विवेचना को सही दिशा देने की कोशिश नहीं की। विवेचना में लापरवाही परिलक्षित होने पर चार विवेचकों को बैड इंट्री दी गई। वर्तमान में विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अशोक सिंह के दी गई है। सीन रिक्रेएशन टीम को बुलाने के लिए लखनऊ पत्राचार किया गया है। कोशिश है कि युवती की शिनाख्त हो जाए तो इस मामले का पर्दाफाश आसान हो जाएगा।