मेंहदावल। जिला जेल में मई में कारागार में शिफ्ट किए गए एक बंदी की चार दिन बाद ही उपचार के दौरान मौत हो गई। बंदी की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। डीएम संदीप कुमार ने बंदी की मौत के मामले के मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए।
जांच अधिकारी एसडीएम मेंहदावल को बनाया गया है। विचाराधीन बंदी रोहित पुत्र चन्नर निवासी रमवापुर थाना बखिरा पर धोखाधड़ी व अन्य धारा लगी थी। वारंट के आधार पर सात मई को कारागार में निरुद्ध हुआ था। उक्त बंदी की चिकित्सीय इलाज के दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 10 मई को मौत हो गई थी। जिस पर परिजनों ने डीएम से पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया था।
इस पर जिलाधिकारी संदीप कुमार ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने का आदेश दिया है। उपजिलाधिकारी मेंहदावल योगेश्वर सिंह ने बताया कि बंदी की मृत्यु के संबंध में किसी व्यक्ति को अपना लिखित, मौखिक साक्ष्य देना है तो वह 25 जून तक कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में दे सकता है।