- परिजनों ने हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया
- सूचना के बाद एसडीएम, सीओ पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे
- पुलिस ने समझा-बुझाकर किया वापस, तीन लोगों पर केस दर्ज
- 28 फरवरी की रात से ही घर से लापता था किसान
- कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के डीघा का निवासी है किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के डीघा निवासी किसान की बृहस्पतिवार को रेलवे ट्रैक के किनारे शव मिला। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पहचान होने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सूचना के बाद एसडीएम शैलेश दूबे और सीओ सिटी ब्रजेश कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। सभी को समझा-बुझाकर वापस भेजा। वहीं परिजन व ग्रामीण केस दर्ज होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने पर अड़े रहे। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया है। परिजन शव का अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं।
खलीलाबाद शहर के नेहिया रेलवे क्राॅसिंग पर शव की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच में उसकी पहचान बालकिशुन (42 वर्ष) निवासी डीघा के रूप में हुई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन शव को लेकर चले गए।
शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार न करके परिजन ग्रामीणों के साथ शुक्रवार की सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर घेराव कर दिया। बालकिशुन की पत्नी सरोजा देवी का आरोप है कि गांव के श्रवण कुमार यादव, ध्रुव चंद्र यादव और पन्नेलाल ने फर्जी तरीके से उनके पति को बहला-फुसलाकर तीन-चार दिन पहले ले जाकर जमीन बैनामा करा लिया। लेकिन उस समय रकम नहीं दिया। इसी विवाद को लेकर जमीन लेने वाले लोग पति बालकिशुन को जानमाल की धमकी दे रहे थे। बालकिशुन 28 फरवरी की रात से ही घर से लापता थे। 29 फरवरी की नेहिया रेलवे क्रॉसिंग पर शव मिला। गांव में सूचना पहुंचने पर पति के शव की फोटो मोबाइल फोन में देखकर पहचान की। बालकिशुन की पत्नी के मुताबिक उक्त आरोपियों ने उनके पति की हत्या की है।
रेलवे ट्रैक से पुलिस ने शव को बरामद किया है। छानबीन में पाया गया कि मृतक बालकिशुन ने कुछ दिन पहले अपना जमीन बेचा था। परिजनों के आरोप की भी जांच की जा रही है। तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया है। परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए हैं।
- ब्रजेश कुमार सिंह, सीओ सिटी