मेंहदावल। नेपाल की पहाड़ियों में हो रही बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे करमैनी-बेलौली तटबंध पर जलस्तर का दबाव बढ़ गया है। जलस्तर 78 मीटर के करीब पहुंच गया है, जबकि नदी का खतरे का निशान 79.50 मीटर है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र डेढ़ मीटर नीचे है। इससे आसपास के ग्रामीणों में भय व्याप्त है। कारण यह है कि करोड़ों खर्च के बाद भी तटबंध की बदहाली दूर नहीं हो सकी है।
मेंहदावल विकासखंड क्षेत्र के पूर्वी उत्तरी क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जहां मंगलवार को राप्ती का जलस्तर 78.60 मीटर था, वहीं बुधवार को राप्ती का जलस्तर बढ़कर 78 मीटर पर पहुंच गया, जबकि राप्ती का खतरे का निशान 79.50 मीटर है। स्थानीय निवासी एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र पाठक, दिनेश सिंह, डॉ. बजरंग बहादुर सिंह, दिनेश तिवारी, पंडित कृष्णानंद त्रिपाठी, श्यामकरन यादव, नंगा तिवारी आदि का कहना है कि लगातार बारिश के बाद नदी का उफान पर आना लोगों के अंदर डर बढ़ा रहा है। अभी पूरी बरसात बची है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी तटबंध की हालत नहीं सुधरी है। तटबंध में जगह-जगह रेन कट व रैट होल बने हैं, जिसके कारण तटबंध कमजोर दिख रहा है।
तटबंध की हालत यह है कि बांध से सटे गांव करमैनी, भरथुवा, बेलौहा, नौगो, छपिया पराग, जोरवा समेत कई गांव ऐसे हैं जो राप्ती नदी के मुहाने पर बसे हैं। गांव और नदी के बीच तटबंध ही सुरक्षा कवच है, लेकिन बांध की बदहाली और बढ़ते जलस्तर का प्रभाव देखकर लोग भयभीत हो रहे हैं। दूसरी तरफ बांध की सुरक्षा व देखरेख के लिए तैनात चार अवर अभियंता कुछ देर के लिए आते हैं और लौट जाते हैं। रात में बांध की निगरानी नहीं हो रही है। अति संवेदनशील कटान स्थल बेलौली, खैरा मंदिर, तिवारीपुर, बिशुनपुर, बांगर, जोरवा नौगो जैसे कटान स्थलों पर बोल्डर पीचिंग के कार्य क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर ग्रामीण विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।000000000000000000000000000
करमैनी-बेलौली तटबंध की मरम्मत के लिए वर्ष 2021- 22 में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में बढ़ता जलस्तर और तटबंध की बदहाली को लेकर बांध से सटे गांव के लोग भयभीत हैं।
-कृपा शंकर यादव, डुमरिया बाबू
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करमैनी-बेलौली तटबंध पर बरसात से पूर्व बाढ़ निरोधक कार्य कराने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये शासन ने आवंटित किए थे। बरसात से पूर्व विभाग कार्य कराने की जगह बरसात के समय में बांध पर मिट्टी गिराकर रेन कट व रैट होल भरकर बाढ़ निरोधक करने में जुटा है। इससे बांध और कमजोर हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए।
-अनिल कुमार दूबे, थरौली
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करमैनी-बेलौली तटबंध के अति संवेदनशील कटान स्थलों के प्रति जिम्मेदार लापरवाह हैं। दो वर्षों से नौगो व डुमरिया बाबू गांव के समीप रैट होल के कारण बांध में रिसाव का मामला सामने आया, लेकिन अब भी विभाग रैट होल की समस्या से तटबंध को मुक्त करा पाने में असफल है। बढ़ता जलस्तर रैट होल के कारण बांध के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं।
-अशोक पाठक, पचनेऊरी
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तटबंध की सुरक्षा के लिए विभाग ठीक ढंग से पहल नहीं कर रहा। डुमरिया बाबू से लेकर बेलौली पिच मार्ग तक बांध को पक्का करना था, गिट्टी डालकर छोड़ दिया है। ऐसे में बढ़ता जलस्तर बांध के लिए खतरा बना हुआ है। अधिकारी लापरवाह बने हैं।
-मानवेंद्र प्रताप सिंह, डुमरिया बाबू
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करमैनी-बेलौली तटबंध सुरक्षित है। बुधवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 78. 95 मीटर था। बांध पर आवश्यक बाढ़ निरोधक तथा सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है।
-राम उजागीर लाल, सहायक अभियंता, ड्रेनेज खंड