बाल कृष्ण उर्फ मोनू तिवारी की फाइल फोटो।
धनघटा। महुली क्षेत्र के अछती में बृहस्पतिवार की सुबह खेत की बाड़ में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से डीएलएड प्रशिक्षु की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक बुधवार देर शाम घर से निकलने के बाद से लापता था। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और घटना की जानकारी जुटाई। परिजनों की मांग पर पुलिस ने पंचनामा के बाद शव उनके सुपुर्द कर दिया।
महुली क्षेत्र के अछती गांव निवासी विजय कांत तिवारी के दूसरे नंबर के बेटे बाल कृष्ण उर्फ मोनू तिवारी (28) बुधवार सुबह विद्यालय पर डीएलएड विभाग में परीक्षा से संबंधित जानकारी लेने गया था। शाम को घर लौटा। देर शाम घर से पुन: निकला। काफी देर तक जब नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन पता नहीं चल सका।
देर रात तक तलाश के बाद जब पता नहीं चला तो परिजन घर लौट गए। बालकृष्ण उर्फ मोनू तिवारी का मोबाइल भी स्विच ऑफ रहा। बृहस्पतिवार की सुबह शौच के लिए निकली गांव की महिलाओं ने जब खेत की बाड़ में दौड़ रहे तार में फंसे बालकृष्ण उर्फ मोनू तिवारी के शव को देखा तो शोर मचाया। उसके बाद काफी संख्या में लोग पहुंच गए। परिजन शव को घर लेकर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार मृतक बालकृष्ण धान की नर्सरी को देखने के लिए खेत में गया था। इसी दौरान दूसरे व्यक्ति के जरिये अपने खेत में उगी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों तरफ नंगे तारों में बिजली दौड़ाई गई थी।
उक्त करंट प्रवाहित तार से अंधेरा होने के चलते चपेट में आकर बाल कृष्ण उर्फ मोनू तिवारी की मौत हो गई है। मृतक के चेहरे के पास तार लगने के निशान दिखाई दे रहे थे। इस मामले को लेकर गांव के लोग अलग-अलग चर्चा कर रहे थे। मृतक के पिता विजय कांत ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा के बाद शह परिजनों को सुपुर्द कर दिया। मृतक अविवाहित था, बड़े भाई गोपाल कृष्ण तिवारी उर्फ सोनू तिवारी गांव का ही रोजगार सेवक है, और छोटा भाई बलराम कृष्ण तिवारी अभी पढ़ाई कर रहा है।
पिता विजय कांत तिवारी किसान हैं, जबकि माता कमलावती देवी गृहणी है। बड़ी बहन कुमकुम की शादी हो चुकी है। बेटे की मौत से जहां मां कमलावती देवी और पिता विजय कांत तिवारी का रो-रो कर बुरा हाल था, वहीं गांव में मातम पसरा था।