संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में चल रहे संस्कृत भारती के संस्कृत भाषा वर्ग प्रशिक्षण का समापन बुधवार को दीक्षांत समारोह के साथ हुआ। इस दौरान सुबह भारत माता का चित्र बनाकर दीपोत्वस कर संस्कृत के प्रचार प्रसार का संकल्प लिया।
संस्कृत भारती के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संयोजक देवेंद्र पंडित ने कहा कि संस्कृत शिक्षा सदैव दीक्षा के रूप में रहती है। दीक्षा की परीक्षा भी होती है। हमें संकल्प लेने की आवश्यकता है। शिव की तरह विष भी पीना पड़े तब भी पीछे नहीं हटना चाहिए। आगे बढ़ने के लिए अभ्यास समर्पण और जिज्ञासा जरूरी है। संस्कृत भारती के मंडल संयोजक व संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कृष्ण ओझा ने कहा कि यह वर्ग सभी संस्कृत अनुयायियों के सहयोग से बहुत अच्छे से संपन्न हुआ। दस दिन भीषण गर्मी में प्रशिक्षु गर्मी की चिंता किए बिना पढ़ते रहे।
इस मौके पर प्रांत शिक्षण प्रमुख गणेश धर दूबे, चंद्रमौलि त्रिपाठी, नागेश दूबे, डॉ. प्रकाश झा, गोरक्ष प्रांत के मंत्री डॉ. जोखन पांडेय, मंडल संयोजक अभिषेक पांडेय, विनोद कुमार त्रिपाठी, श्रीप्रकाश झा, शिव प्रताप मिश्र, अभिषेक पांडेय, रणविजय तिवारी, डॉ. इंद्रेश पांडेय, डॉ श्रवण कुमार त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक पांडेय, प्रदीप कुमार पांडेय, आनंद तिवारी, डॉ. मनोज ओझा, डॉ. ब्रज कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य शुभम तिवारी, अंजली त्रिपाठी, अमीषा गिरी, आकांक्षा त्रिपाठी, अपर्णा त्रिपाठी, तन्वी पांडेय आदि मौजूद रहे।