हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद मे संस्कृत भारती गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में चल रहे संस्कृत भारती गोरक्ष प्रांत का आवासीय संस्कृत प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को संस्कृत की उपयोगिता के बारे में बताया गया। इसके साथ ही संस्कृत को रोचक भाव से पढ़ाने के तरीके बताए गए।
संस्कृत भारती के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संयोजक डॉ. कन्हैया लाल झा ने आधुनिक परिप्रेक्ष्य में संस्कृत की उपयोगिता विषय पर विचार रखते हुए कहा कि समाज में एक भ्रांति फैली है कि संस्कृत में रोजगार नहीं है। यह पूर्णत: असत्य है, क्योंकि यदि व्यक्ति पूर्ण निष्ठा से और उचित पद्धति से संस्कृत विषय में श्रम करता है तो उसके लिए अनेक तरह के व्यवसाय विकसित हो जाते है। योग शिक्षक, प्राकृतिक शिक्षक, वेद शिक्षक, साहित्य शिक्षक, दर्शन शिक्षक, सेना में धर्मगुरु, योग्य धर्माचार्य इसके अतिरिक्त संस्कृत विद्यालय महाविद्यालय सामान्य डिग्री कॉलेज में विश्वविद्यालयों में संस्कृत शिक्षक की नियुक्ति होती है।
गोरक्ष प्रांत के सह मंत्री नागेश दूबे और शिक्षक अभिषेक पांडेय ने खेल खेल में सरल पद्धति से संस्कृत बोलने के तरीके बताए। इस अवसर पर प्रकाश ओझा, बापू नंदन, सत्यम तिवारी, रणविजय, गणेश धर दूबे, विनोद कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।