मगहर। सद्गुरु कबीर के 625 वें प्राकट्य दिवस पर रविवार को कबीर समाधि परिसर में महंत विचारदास की अध्यक्षता में सत्संग हुआ। उन्होंने कहा कि सद्गुरु कबीर ने मानवता का पाठ पढ़ाया है। आज समय की मांग है कि कबीर साहेब की वाणी को जन-जन तक पहुंचाया जाए। कबीर साहेब का जन्मोत्सव मनाने का यह भी उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग कबीर साहेब से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि कबीर ने प्रेम सद्भाव की बात कही है। आज के परिवेश में उनकी वाणी की अति आवश्यकता है। उनकी वाणी को आत्मसात कर परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। अपने दोहों के माध्यम से समाज में फैली बुराइयों, वैमनष्यता को दूर करने का प्रयास करते हुए आपसी सौहार्द, प्रेम, एकता का संदेश दिया है। आज भी उनकी वाणी विश्व में प्रासंगिक है।
इस मौके पर संत केशवदास, संत अरविंद दास शास्त्री, संत रामलखन दास उर्फ लाल बाबा, वैद्य रामसरन दास, विनोद दास, राम सेवक दास, संत पुजारी दास, ओमप्रकाश निर्भीक, अवधेश सिंह, प्रदीप गुप्त, आनन्द गुप्ता, पारसनाथ आदि मौजूद रहे।