संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नवरात्र में शहर की कुछ ऐसी प्रतिष्ठित महिलाएं भी हैं, जो मां की आराधना के बीच भी अपने सामाजिक सरोकारों को निभाना नहीं भूलती हैं। वृद्ध आश्रमों, मलिन बस्तियों में जाकर लोगों के बीच समय गुजारती हैं, और उनकी मदद करती हैं। उनका हौसला बढ़ाती हैं।
वहीं कुछ मां के समक्ष गरीब कन्याओं की मदद करने का संकल्प लेकर पूरे साल मददगार बनती हैं।
गरीब कन्या के विवाह में करूंगी सहयोग
प्रत्येक वर्ष की तरह यह नवरात्र भी मलिन बस्तियों की लड़कियों के बीच मनाऊंगी। एक गरीब कन्या के विवाह में आर्थिक सहयोग करने का संकल्प इस बार लिया है। इसके साथ मलिन बस्ती की 108 कन्याओं का पूजन कर उन्हें जरूरी चीजें वितरित करनी है।
- सविता चतुर्वेदी, प्रबंध निदेशिका, सूर्या इंटरनेशनल स्कूल व सामाजिक कार्यकर्ता
मां की भक्ति से मिलती है शक्ति
मां का स्वरूप ही ममतामयी होता है। माता की भक्ति से जितनी शक्ति मिलती है उसे सेवा के रूप में लोगों तक पहुंचाती हूं। इनरव्हील क्लब, आर्ट आफ लिविंग (संजीवनी) आदि संस्थाओं से जुड़ी हुई हूं। इन संस्थाओं के जरिये जरूरतमंदों के बीच जाकर महिला स्वावलंबन और सामाजिक कार्य करती हूं।
- रीतू जैन, सदस्य आर्ट आफ लिविंग व सामाजिक कार्यकर्ता
नि:शुल्क परामर्श और दवाओं का करती हूं प्रबंध
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के नाते अपनी तरफ से जितना मुमकिन होता है सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहती हूं। इसके साथ ही रोटरी क्लब की अध्यक्ष भी हूं। कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर जरूरतमंदों की मदद करती हूं। अगर कोई जरूरतमंद आ जाता है, उसे निशुल्क चिकित्सीय परामर्श देने के साथ दवाओं का भी प्रबंध कराती हूं।
- डॉ. सोनी सिंह, दंत रोग विशेषज्ञ व रोटरी क्लब की अध्यक्ष
आश्रम में जाकर करती हूं जरूरतमंदों की सेवा
मेरे लिए नवरात्र खास होता है। आश्रमों में जाकर वहां रहने वालों के बीच समय गुजारती हूं। जरूरत के हिसाब से उनकी मदद करती हूं। वैसे तो पूरे साल सामाजिक कार्यों में भागीदारी रहती है।
- कमलजीत कौर, सामाजिक कार्यकर्ता
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जरूरतमंदों की मदद का लिया संकल्प
नौ दिन मां शक्ति की आराधना करती हूं। जरूरतमंदों को आर्थिक मदद व महिलाओं को जरूरी सहायता देती हूं। लोगों की समस्याओं का ख्याल रखती हूं। उनकी समस्याओं का अपने स्तर से निस्तारण का प्रयास करती हूं।
-सुनीता अग्रहरि, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा, भाजपा