सेमरियावां। बुधवार को सेमरियावां ब्लॉक के अगया में सूफी निजामुद्दीन का उर्स अकीदत व एहतराम के साथ शुरू हुआ। उर्स पर पहले दिन खानकाह के सज्जादानशीन मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में अकीदतमंदों की हजारों की भीड़ ने चादरपोशी की।
प्रख्यात इस्लामिक विद्वान हजरत सूफी निजामुद्दीन की ग्यारहवां उर्से निजामी बुधवार को नमाज ए फजर के बाद कुरान ख्वानी से शुरू हुआ। कुरान ख्वानी के बाद सूफी साहब की जिंदगी पर प्रकाश डाला गया। नमाज-ए-जोहर के बाद खानकाह के सज्जादानशीन हजरत मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में हजारों की संख्या में पहुंचे जायरीनों तथा अकीदतमंदों ने जुलूस निकालकर मजार पर चादरपोशी की और फातेहा पढ़ा। इसके बाद सालाना उर्स में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, अहमदाबाद, मुम्बई, गोवा, कोलकाता, बिहार, बंगाल, दिल्ली, नेपाल देश के बड़ी संख्या में पहुंचे मुरीद और अकीदतमंदों ने चादर पोशी व गुल पोशी की। साथ ही मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं की। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सज्जादानशीन मौलाना हबीबुर्रहमान रिजवी ने बताया कि नमाज-ए-फज्र के बाद कुरान खानी से कार्यक्रम शुरू हुआ। दोपहर जोहर की नमाज के बाद मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा। रात में ईशा की नमाज के बाद निजामी कान्फ्रेंस का आयोजन होगा। जिसमें देश के कई बड़े इस्लामिक विद्वान प्रतिभाग करेंगे। 16 नवंबर की सुबह में आठ बजे मजार पर कुल शरीफ के आयोजन के बाद उर्स का कार्यक्रम समाप्त होगा। इस दौरान जियाउल मुस्तफा, मौलाना शहीद, हाजी समीउल्लाह, अली असगर, सेराज खान, जमीरुल्लाह, मुश्ताक अहमद, इरफान अहमद, मो.आसिम, मो.जैद खान, मो.शाद, मो.सलीम, मुजीबुर्रहमान, अब्दुल अजीम, मो.सलीम, मो शाद, शारिक सिद्दीकी, अली अजहर खान, युनुस खान, सफीकुल्लाह खान आदि मौजूद रहे।