सूख रही फसल, नहरें भी हुईं बेपानी
किसानों ने नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की
सेमरियावां। बारिश नहीं होने से खेतों में रोपी गई धान की फसल सूख रही है। नहर में भी पानी नहीं है। जिसकी वजह से निजी संसाधनों से किसान अपनी फसल को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। किसानों ने नहर में पानी छोडे जाने की मांग की।
सरयू नहर खंड की माइनर शाखा जो बस्ती जनपद के आमबारी से सेमरियावां क्षेत्र के विभिन्न गांवों से होते हुए रक्शादेवई गांव तक पहुंची है। नहर में पानी न होने से किसान परेशान हैं। देवरिया नासिर के मोहम्मद सुलेमान चौधरी, अफसरुद्दीन, एजाज अहमद, मोहम्मद अरशद, अशरफ अली, किशुन, ओम प्रकाश, डडवामाली के संतोष प्रजापति, नव्वाडीह के सुरेश कुमार, पुरैना मंसूर के हाजी बब्बन आदि किसानों ने बताया कि आमबारी से रक्सा देवई तक सरयू नहर माइनर शाखा खंड तीन की खुदाई लगभग 20 साल पहले की गई। तब से अब तक नहर में पानी नहीं आ रहा है। जिससे किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो रही हैञ पानी नहीं आने की वजह से किसानो को अपनी फसलों की सिंचाई करना बहुत मुश्किल हो रहा है। सात से आठ महीने पहले सिंचाई करने के लिए नहर में साइफन पाइप भी लगाया गया है। किसानों को सिंचाई के लिए हमेशा बोरिंग का सहारा लेना पड़ता है। किसानों के लिए नहर बेमतलब साबित हो रही है। क्षेत्र के दानोकुइयां, पुरैना, रूधौली, गंगौली, मुजहनी मुजहना, रक्शा कला, नव्वाडीह, कानपारा, डड़वामाली, देवरिया नासिर, रक्शादेवई, परसोहिया आदि गांव के किसानों को नहर के पानी से फायदा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से नहर में पानी नही छोड़ा जा रहा है। बस्ती एक्सईएन राकेश कुमार गौतम ने बताया कि किसानों की समस्या दूर कराए जाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।