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दीवार गिरने से मजदूर की मौत

Sat, 19 Mar 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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मजदूर की मौत। - फोटो : अंबरीश‌ मिश्रा
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 बखिरा क्षेत्र के पसाई गांव में नींव की खुदाई करते दौरान शनिवार को खपरैल की कच्ची दीवाल भरभरा कर गिरने से मलवे के नीचे दब कर एक मजदूर की मौत हो गई। जबकि राजगीर मिस्त्री समेत पांच मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को लोग सिद्धार्थनगर जिले के बेलौहा बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।   पसाई गांव निवासी किताबुल्लाह पुत्र अब्दुलगनी अपने पुराने खपरैल के मकान को गिरा कर उत्तर- दक्षिण दिशा की तरफ की एक कच्ची दीवार को छोड़ कर मजदूरों से नींव की खुदाई शुरू कराए।
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उसी दौरान उत्तर- दक्षिण तरफ की छोड़ी गई कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई। इससे काम कर रहे राजगीर मिस्त्री समेत छह मजदूर मलवे के नीचे दबकर घायल हो गए। शोर-शराबा सुनकर आस-पास के लोग भी जुट गए और घायलों को बाहर निकाला। इसमें मजदूर पिंटू पुत्र बंशीलाल उम्र 35 वर्ष निवासी गोइठहा को गांव के लोग  सीएचसी सांथा ले गए, जहां देखते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य  घायलों को सिद्धार्थनगर जिले के बेलौहा बाजार स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

घायलों में गोईठहा निवासी मजदूर  घुरहु (26) , सुनील (23) , बाबूलाल (40), अनिल (25), सीताराम राजगीर मिस्त्री (52) की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना पर सांथा चौकी इंचार्ज श्रवण यादव मौके पर ही पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा । सूचना पर तहसीलदार मेंहदावल रामजीवन भी पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी जुटाई।
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मजूदर की मौत से सहमे परिजन
सांथा। गोईठहा निवासी मजदूर पिंटू की मौत से पीड़ित परिजन सहम गए। घटना सुनकर गांव के लोग भी दहल गए। पत्नी सुमन का रुलाई सुनकर लोगों की आंखे भर आई। बेटे की मौत के गम में पिता बंशीलाल और मां मुराती देवी की आंखे पथरा सी गई। वहीं भाई लालमन, दुर्गा प्रसाद, भाभी ललावती देवी,सीमा देवी का रो - रो कर बुरा हाल था। गांव के लोगों ने बताया कि पिंटू छह भाईयों में पांचवे नंबर पर था। मजदूरी करके परिवार का खर्च बंटाता था। उसके पास दो बेटे राज चार वर्ष और धुतराज दो वर्ष का है। मासूम बेटे को सीने से लिपटा कर रोती बिलखती पत्नी को समझाने में गांव की महिलाएं जुटी थी।
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