हाईकोर्ट के आदेश पर क्षेत्र के ददरी हरदो में रविवार को सार्वजनिक जमीन से अवैध कब्जा हटवाने से नाराज कुछ महिलाओं ने अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल कर आत्मदाह की कोशिश की। हालांकि प्रशासन की टीम ने कब्जा हटवाने हुए आठ महिलाओं को हिरासत में लेकर शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया। बाद एसडीएम के निर्देश पर सभी को जेल भेज दिया गया।
तहसीलदार राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ददरी हरदो गांव निवासी दिनेश चंद्र पांडेय पुत्र रामवृक्ष पांडेय ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में खाद के गड्ढे की जमीन पर कब्जे की याचिका दाखिल की थी। जिसमें कोर्ट ने अवैध कब्जा हटवाते हुए पांच अप्रैल तक शपथ पत्र दाखिल करने का तहसील प्रशासन को आदेश दिया है। तहसील प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाने के लिए 15 मार्च को अवैध कब्जेदार श्याम देव पुत्र नुरई, रामसहारे पुत्र कोदई और पदारथ पुत्र पैसा को नोटिस जारी किया था। जिसमे 23 मार्च तक कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था। जब अवैध कब्जा उनके जरिए नहीं हटाया गया तो प्रशासन को कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ा।
उसी कड़ी में रविवार को वह नायब तहसीलदार दीपक गुप्ता, एसओ जेएन त्रिपाठी, एसआई कमलेश सिंह, एसआई भैरव सिंह, कानूनगो श्रीधर पांडेय, लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी, लेखपाल हीरालाल, राजदेव, मुहम्मद जमीर, तबरेज, योगेन्द्र यादव के साथ मौके पर पहुंचे। उसी दौरान अवैध कब्जा हटवाने से नाराज होकर कुछ महिलाओं ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल कर खुद पर आग लगाने का प्रयास किया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस टीम ने महिलाओं को आत्मदाह करने से रोकते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। एसओ महुली ने बताया कि गांव की गुड़िया पत्नी जुगानी कहार, गिरजा देवी पत्नी श्याम देव, नीता देवी पत्नी विनोद, नीना देवी पत्नी प्रमोद, कलावती पत्नी रामदीन, मालती पत्नी गोविंद, गंगोत्री देवी पत्नी रामसहारे गौड़, विंद्रावती पत्नी रमेश चंद्र गौड़ को हिरासत में लेते हुए शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। प्रभारी एसडीएम धनघटा उमेशचंद निगम ने बताया कि महुली एसओ जेएन तिवारी ने आठ महिलाओं को खिलाफ शांति भंग की चालानी रिपोर्ट प्रेषित की। इन महिलाओं को न्यायिक हिरासत में लेते हुए बस्ती जेल भेज दिया गया।