हैंसर। ‘कच्ची शराब न पीने देेंगे और न तो गांव में बेंचने देंगे’। इस संकल्प के साथ भैंसाखूट गांव की महिलाओं ने बुधवार रात लाठी लेकर बेचने वालों के घर पर पहुंच गईं।
उनका गुस्सा देखकर शराब पीने वाले और बेंचने वाले भाग खड़े हुए। इस दौरान गुस्साई महिलाओं ने धंधेबाजों को दोबारा शराब न बेंचने की चेतावनी दी।
दरअसल, मंगलवार रात एक शख्स की मौत हो गई थी। इसके बाद गांव में चर्चा फैल गई कि उसकी मौत का कारण कच्ची शराब का सेवन है। कुछ गांव में कच्ची शराब लाकर बेंच रहे हैं।
इस पर बुधवार की रात करीब आठ बजे गांव की महिलाएं मृतक के घर पहुंची और लोगों साथ लाठी-डंडे लेकर कच्ची शराब बेचने वालों के अड्डे पर पहुंच गईं। जब महिलाएं वहां मौजूद शराब के शौकीनों की जब खैर-खबर लेनी शुरू की तो पीने वाले भाग खड़े हुए।
इसके बाद बेचने वालों का गैलन तोड़ डाला और उन्हें चेतावनी दी कि अगर अब कच्ची शराब बेचने का धंधा किया तो अंजाम बुरा होगा।
महिलाओं का यह कदम जहां क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है वही लोग पुलिस और आबकारी विभाग को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
इस संबंध में ग्राम प्रधान के पति परशुराम ने बताया कि उनके गांव में शराब नहीं बनती है। गांव के एक व्यक्ति की मौत के बाद कुछ महिलाओं ने बाहर से शराब लाकर बेचने वालों के अड्डे पर तोड़ फोड़ की है।
एसओ ने बताया कि भैंसाखूट में कच्ची शराब का निर्माण नहीं होता है। यदि बिक्री हो रही होगी तो वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। शराब से किसी की मौत होने की कोई सूचना नहीं है।