गैंगेस्टर एक्ट के वांछित दो इनामी अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों पर ढाई-ढाई हजार का इनाम घोषित था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दोनों पर पूर्व में बस्ती और खलीलाबाद में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था, जमानत के बाद दोनों फरार चल रहे थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोतवाली खलीलाबाद में गैंगेस्टर एक्ट के वांछित अभियुक्त विशाल उपाध्याय और रिंकू गुप्ता निवासी मुखलिसपुर रोड खलीलाबाद काफी दिनों से फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने दोनों पर ढाई-ढाई का इनाम घोषित किया था। इन्हें पकड़ने के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शमशेर बहादुर सिंह और उनके हमराही उप निरीक्षक राजकुमार यादव प्रभारी चौकी इंचार्ज गोलाबाजार के साथ ही सर्विलांस प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार तिवारी और उनकी टीम को लगाया गया था। मुखबिर की सूचना पर दोनों अभियुक्तों को रेलवे स्टेशन खलीलाबाद स्थित माल गोदाम के पास से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह कहीं जाने की तैयारी में थे।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बस्ती व खलीलाबाद में लूट की घटना की घटना में शामिल होना बताया, जिसमें दोनों के विरुद्ध कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा पंजीकृत है। इसके साथ ही कोतवाली खलीलाबाद में गैगेस्टर भी पंजीकृत है। अभियुक्तों ने बताया कि ट्रेन से दूसरे जगह जाने के लिए यहां आए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विशाल उपाध्याय पर बस्ती कोतवाली में 2014 में लूट का मुकदमा तथा कोतवाली खलीलाबाद में 2015 में डकैती का मुकदमा दर्ज है, जबकि रिंकू गुप्ता पर कोतवाली खलीलाबाद में डकैती का मुकदमा दर्ज होने के साथ ही दोनों पर गैगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी में सर्विलांस टीम के विनय सिंह, नित्यानंद दुबे, ऋषिवेद तिवारी, उमेश मिश्रा, सुरेश यादव, कमलेश यादव आदि ने भी योगदान दिया।