गोरखपुर जिले के बड़हलगंज क्षेत्र के पिड़हनी निवासी रणजीत यादव की हत्या के मामले में फरार चल रहे दोनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को सिकरीगंज के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर धनघटा क्षेत्र के भैंसही के पास से झाड़ियों में छिपाया गया कत्ल में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों हत्या की बात स्वीकार की है।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि दस जुलाई को भैसही गांव के सीवान में रणजीत पुत्र रामराज उर्फ पप्पू यादव का शव मिला था। मृतक के पिता की तहरीर पर धनघटा पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में प्रेम प्रसंग में हत्या की बात सामने आई थी। रणजीत की पत्नी सुनीता देवी को गिरफ्तार कर पुलिस ने 15 जुलाई को हत्याकांड का खुलासा कर सुनीता को जेल भेज दिया था।
सुनीता के पति जब सऊदी अरब गए थे, तब उनके संबंध में ननद के देवर विंध्याचल यादव निवासी जगदीशपुर थाना एकौना जिला देवरिया से था। इस कारण पति उन्हें पीटते थे। इसी वजह से उसने विंध्याचल के साथ मिल कर पति की हत्या की साजिश रची थी। विंध्याचल ने अपने दोस्त बेचन उर्फ रामबचन यादव निवासी इस्माइलपुर थाना रौनापार जनपद आजमगढ़ के साथ मिल कर उसके पति रणजीत की हत्या की घटना को अंजाम दिया था।
सूचना के आधार पर एसओ एम पी चतुर्वेदी ने घेराबंदी करके बुधवार को सिकरीगंज के पास से फरार चल रहे आरोपी विंध्याचल और बेचन उर्फ रामबचन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि जिस रात रणजीत अपने दोस्त बांसगांव क्षेत्र के रहने वाले सत्येंद्र के भाई की बारात में शामिल होने बेलघाट क्षेत्र में आया था।
उसी रात बारात से उसे शराब पीने के बहाने उसे सिकरीगंज बहका कर लाए थे। जहां से भैसही गांव के सीवान में ले गए और चाकू से घोंप- घोंप कर उसकी हत्या कर दी। एसपी ने घटना का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार दिया।