लगी आग में जला पलंग और दीवारें।
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बखिरा। क्षेत्र के बखिरा कसबे के महरा टोला में मंगलवार की रात आग से मां और दो बेटिया झुलस गई। शोर सुनकर आस-पास के लोग जुट गए। एबुलेंस से तीनों को मेंहदावल सीएचसी भेजवाया गया। जहां मां और बड़ी बेटी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। जबकि छोटी बेटी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पीड़ित मां ने ढिबरी से आग लगने की वजह बताई।
कसबा बखिरा के महरा टोला निवासी दीनानाथ रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते है। घर पर उनकी पत्नी सुशीला अपनी दो बेटियों सविता व बबिता के साथ रहती है। सुशीला ने बताया कि मंगलवार की देर शाम छोटी बेटी बबिता (16 वर्ष) घर में खाना बनाने के लिए आटा निकालने गई थी।
बोरी में रखा हुआ आटा निकालते दौरान बॉक्स पर रखा हुआ ढ़िबरी अचानक उसके ऊपर गिर पड़ा। ढ़िबरी की आग से उसका कपड़ा तेजी से जलने लगा। उसे जलता देखकर बड़ी बहन सविता (18 वष्र) भी बचाने के लिए दौड़ी। आग बुझाने में उसका पैर झुलस गया। चीख पुकार सुनकर बरामदे में बैठी वह भी दौड़ी।
इसमें वह भी हल्की फुल्की झुलस गई। शोरगुल सुनकर आसपास के लोगो ने दौड़कर आग पर किसी प्रकार से काबू पाया। इस आग में बबिता का सिर, हाथ व शरीर में कई हिस्से झुलस गए।ग्रामीणों ने 108 नंबर को सूचित किया। मौके पर पहुंची एबुलेंस से तीनो को मेंहदावल सीएचसी ले जाया गया।
हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने खलीलाबाद रेफर कर दिया गया। सविता व उसकी मां सुशीला का प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया, जबकि गंभीर हालत में जली बबिता को डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां पर उसका इलाज चल रहा है।