मगहर। कसरवल कांड की तीसरी बरसी पर गुरुवार को निषाद समाज के लोगों ने मंझरिया रेलेव क्रासिंग से पूरब मोहनबरा गांव के पास रेल ट्रैक जाम कर प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक ट्रैक जाम करने से प्रशासनिक अमला हलकान रहा और काफी मान मनौव्वल के बाद लोगों ने ट्रैक खाली किया। उसी दौरान लोगों ने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया। इधर सुरक्षा को लेकर गोरखपुर,संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और बस्ती की पुलिस के अलावा आरपीएफ,जीआरपी ,एलआईयू और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां चौकस दिखी।
बता दें कि निषाद समाज के लोगों ने सात जून 2015 को कबीर चौरा परिसर में डॉ. संजय निषाद के आह्वान पर जुलूस निकाला था। निषाद समाज की विभिन्न मांगों के निस्तारण के लिए सहजनवा क्षेत्र के कसरवल गांव के सामने पहुंच गए और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था। इस दौरान तीन जिलों की पुलिस व रेलवे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक जाम कर रहे लोगों को समझाने की भरपूर कोशिश की थी, लेकिन ट्रैक नही खाली नहीं हुआ।
इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के लोगों के बीच झड़प हो गई। दोनों तरफ से लाठी, ईंट, पत्थर, डंडे चलने लगे थे। इसमें इटावा के अखिलेश निषाद नामक एक आंदोलनकारी की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। तत्कालीन एसपी संतकबीरनगर सहित कई पुलिस कर्मियों को भी चोटें आई थीं। तभी से प्रत्येक वर्ष सात जून को पुलिस और प्रशासन चौकसी बरतता है। उसी क्रम में गुरुवार को भी पुलिस सतर्क रही।
इधर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के जिलाध्यक्ष दिवाकर निषाद, महिला मोर्चा की अध्यक्ष सतिमा निषाद, जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार निषाद के नेतृत्व में काफी संख्या में लोग मंझरिया रेलवे क्रासिंग से पूरब मोहनबरा गांव के पास पहुंच गए और ट्रैक जाम कर धरना प्रदर्शन किया। निषाद समाज के लोगों का कहना था कि निषाद समाज को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाए। समाज के पीड़ितों को सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। उसी दौरान सीओ सदर रमेश कुमार, कोतवाल सुधीर कुमार सिंह और एलआईयू के लोगों के समझाने पर आंदोलनकारियों ने ट्रैक खाली कर दिया। सदर एसडीएम उमेशचंद निगम के पहुंचने पर निषाद के लोगों ने मछुआ समुदाय के समस्त पर्यायवाची जातियों को शासनादेश के अनुसार केवट, कश्यप, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीमर, तुरहा, गोंडिया आदि को अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सौंपा।
इस दौरान एसडीएम सदर उमेशचंद निगम ने कहा कि यह पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। जैसा आदेश मिलेगा सूचित किया जाएगा। आश्वासन के बाद निषाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन समाप्त कर दिया। इस दौरान निषाद समाज के इंद्रजीत निषाद, सिद्धनाथ निषाद, महेंद्र निषाद, इंद्रजीत निषाद, राकेश निषाद, चेलावती निषाद, अनारपति निषाद, चीनी निषाद, रामजीत निषाद, धर्मेंद्र निषाद, अरविंद निषाद, सुनील निषाद, आशा निषाद, फुलरपती निषाद, इंद्रावती, सुभावती, सुनील, राजेश निषाद आदि उपस्थित रहे।