चार साल पूर्व एक युवक को पकड़ कर कांटे चौकी ले जाने और 50,000 रुपये लेकर छोड़ने के आरोप के मामले में सीजेएम ने पूर्व चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया।
कोतवाली क्षेत्र के पचपेड़वा निवासी रामबरन यादव का आरोप था कि 24 फरवरी 2013 को उनके खेत में मटर तोड़कर कुछ लोगों ने नुकसान पहुंचा दिया था। बाद में उनके लड़के पूरन को कांटे चौकी इंचार्ज विंदेश्वरी मणि, सिपाही सुशील मणि त्रिपाठी व राकेश पांडेय पकड़कर चौकी पर ले गए। आरोप था कि इन तीनों पुलिस कर्मियों ने बेटे को छोड़ने के लिए पच्चास हजार रुपये की मांग की। रकम न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसा देने की धमकी भी दी।
वह किसी तरह से खाते से पैसा निकालकर तीनों पुलिस कर्मियों को दिया। उसके बाद पुलिस कर्मियों ने उनके बेटे को छोड़ा। घटना की सूचना कोतवाली और एसपी को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नही हुई। उसके बाद परेशान होकर उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
सीजेएम दीपकांत मणि ने मामले को गंभीर व संज्ञेय प्रकृति का अपराध मानते हुए पूर्व चौकी इंचार्ज विंदेश्वरी मणि समेत तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने का प्रभारी निरीक्षक खलीलाबाद को आदेश दिया है। इसके साथ ही एसपी को आदेशित किया है कि यदि तीनों पुलिस कर्मी कोतवाली में नियुक्त हो तो उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।