क्षेत्र के छरांछ गांव के लोगों ने सोमवार को कोतवाली पहुंच कर कार्रवाई की मांग किया। पीड़ित पुनीता चौधरी का आरोप था कि वह अपने पति शेषमन और बच्चे के साथ रोजगार के सिलसिले में मुंबई रहती थी। तीन जनवरी 2016 को परिवार के साथ छरांछ गांव अपने घर आई। चार जनवरी को वह बच्चों और पति के साथ मायके नौहट गांव चली गई।
छह जनवरी को पति शेषमन की तबियत अचानक खराब हो गई। मायके के लोग बीमार पति को लेकर खलीलाबाद गए ,जहां उपचार के बाद तबियत में सुधार होने पर पति व बच्चों के साथ ससुराल चली गई। बाद में गांव के ही कुछ लोग बीमार पति को दवा कराने के लिए बस्ती ले गए और फिर वापस घर लाए।
18 जनवरी को वहीं लोग फिर पति को दवा करने ले गए और फिर वापस नहीं लाए। पूछने पर लोग ठीक से पति का दवा इलाज होने की जानकारी दिए,लेकिन अभी तक घर वापस नहीं लाए। उसने पति की काफी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। पत्नी को आशंका है कि लोग जायदाद को हड़पने की नीयत से पति को गायब करके दिए है।
पति को ढूंढ कर लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात की। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश कुमार, चंद्रराम चौधरी दुर्गेश चौधरी, त्रिलोकी, अमर सिंह, प्रधान श्रीराम,राम प्रसाद चौधरी आदि मौजूद रहे।