महुली क्षेत्र के जयरामपट्टी निवासी एक टेंपो चालक की गोरखपुर में मौत हो गई। मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, वैसे ही गांव में कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
रोते बिलखते परिजन गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। युवक की मौत को लेकर गांव के लोग तमाम तरह की चर्चा कर रहे थे।
जयरामपट्टी गांव निवासी अंबिका त्रिपाठी का छोटा बेटा बृजेश त्रिपाठी गोरखपुर के बरगदवा में एक किराए के मकान में रहता था। वह टेंपो चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था।
सोमवार की सुबह गोरखपुर के बरगदवा में स्थित किराए के आवास में उसकी लाश मिलने की सूचना परिजनों को मिली तो लोग अवाक रह गए।
पीड़ित पिता अंबिका त्रिपाठी, मां शकुंतला देवी रोते-बिलखते गोरखपुर के लिए रवाना हुईं। गांव वालों ने बताया कि अंबिका त्रिपाठी के दो बेटी तथा दो बेटे हैं।
सबसे बड़ी बेटी सरिता तथा दूसरे नंबर की बेटी का नविता है। दोनों की शादी हो चुकी है। जबकि बेटा भूपेश रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहता है। जबकि भाई-बहनों में छोटा बृजेश त्रिपाठी गोरखुपर के बरगदवा में किराए के मकान में रहता था और टेंपो चलाकर अपने बूढे मां-बाप की देखभाल करता था।
बेटे की मौत की खबर होते ही मां-बाप बेसुध हो गए। लोग यहीं कह रहे थे कि व्रजेश अपने मां- बाप को तीर्थ यात्रा पर भेजने के लिए पैसा जुटाने की बाते अक्सर करता था। उसकी मौत से बूढ़े दंपति असहाय हो गए। गांव के लोग भी काफी दुखी थे।