थाने पहुंचे शिक्षक प्रधान द्वारा फाड़े गए अभिलेख दिखाते।
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हैंसर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बड़गों प्रथम पर तैनात सहायक अध्यापक को फोन पर व्यस्त देखकर प्रधान ने शुक्रवार को पीट दिया। शिक्षक का आरोप है प्रधान से इस दौरान जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सरकारी अभिलेख भी फाड़ डाले। घटना की जानकारी के बाद शिक्षक धनघटा थाने पर एकत्र हुए। इस दौरान शिक्षकों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। जबकि प्रधान ने शिक्षक ने आरोपों को निराधार बताया है।
पीड़ित शिक्षक प्रेम सिंह का आरोप है शुक्रवार सुबह दस बजे वह विद्यालय पर बच्चों को पढ़ा रहे थे। इसी बीच प्रधान हरिशंकर राय आए और बोले क्या पढ़ा रहे हो। इसके पहले कि मैं उनसे कुछ कहता कि जेब में रखा मोबाइल बज उठा। फोन की घंटी सुनते ही प्रधान आग बबूला हो उठे और उसके जेब से मोबाइल निकाल कर फेंक दिया। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कालर पकड़ लिया और मारने-पीटने लगे।
इस दौरान प्रधान ने विद्यालय का अभिलेख भी फाड़ दिए। शोर पर बगल के विद्यालय पढ़ा रहे शिक्षक दौड़ कर आए और बीच बचाव किया। दूसरी तरफ प्रधान हरिशंकर राय ने मारने पीटने व रजिस्टर फाड़ने के आरोप को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल शिक्षक से बच्चों के पढाने के संबंध बातचीत की।
शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में कम रुचि लेते हैं और फोन पर अधिक व्यस्त रहते हैं। टोकाटोकी करने पर निराधार आरोप मढ़ रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव ने प्रधान द्वारा शिक्षक के साथ किए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यदि शिक्षक अपने काम के प्रति लापरवाह है तो उसकी शिकायत करनी चाहिए न कि उसे मारना पीटना चाहिए।
यदि शुक्रवार की रात तक पुलिस केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार नही करती है तो शनिवार को शिक्षक संघ के लोग धनघटा थाने का घेराव करेंगे। एसओ एम पी चतुर्वेदी ने बताया कि शिक्षक की तरफ से तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।