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हादसे में टैंकर चालक की मौत

Sun, 12 Jun 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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हादसे में टैंकर चालक की मौत। - फोटो : अंबरीश‌ मिश्रा
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 बीएमसीटी मार्ग पर पिपरा बोरिंग के पास शनिवार की रात एक टैंकर सड़क पर गिरे पेड़ से पहले टकराया और सामने से गुजरी कंटेनर से भिड़ गया। हादसे में टैंकर की केबिन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही टैंकर चालक की मौत हो गई। टैंकर में एलपीजी गैस भरी हुई थी। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची दुधारा पुलिस ने जेसीबी से पेड़ को हटवाया। इस दौरान घंटों बीएमसीटी मार्ग बंद रहा।
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शनिवार की रात में करीब साढ़े दस बजे श्रीराम रोडवेज ट्रांसपोर्ट कंपनी दिल्ली का टैंकर मथुरा रिफाइनरी से इंडेन की एलपीजी गैस लेकर नेपाल जा रहा था। टैंकर बीएमसीटी मार्ग पर पिपरा बोरिंग के पास पहुंचा। इसी दौरान सड़क पर पहले से गिरे यूकेलिप्टस के एक पेड़ से टकरा गया। उसी बीच बचाव के लिए दाहिने मुड़ी टैंकर की केबिन सामने से आ रहे एक कंटेनर की चपेट में आ गया। वाहनों की जोरदार टक्कर में टैंकर की केबिन के परखच्चे उड़ गए। मौके पर टैंकर के ड्राइवर सुग्रीव कुमार महतो पुत्र ब्रहमदेव महतो निवासी नालंदा बिहार की मौत हो गई। दुर्घटना में कंटेनर भी मामूली रुप से क्षतिग्रस्त हुआ। मौका पाकर कंटेनर का ड्राइवर मौके से भाग निकला। दुर्घटना के बाद बीएमसीटी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। बाद में सूचना पाकर मौके पर पहुंची दुधारा पुलिस ने जेसीबी से पेड़ को हटवाया। टैंकर लोडेड होने की वजह से एसओ ने घटना स्थल पर निगरानी के लिए पुलिस बल लगा दिया और आने जाने वालों को टैंकर से दूर रहने की चेतावनी दे दी गई। पुलिस की सूचना पर रविवार को श्रीराम रोडवेज कंपनी कानपुर ब्रांच के सुपरवाइजर मौके पर पहंच गए। एसओ सतानंद पांडेय ने बताया कि हादसे में मरे टैंकर चालक की पहचान सुग्रीव कुमार महतो के रुप में हुई। शव को कब्जे में ले लिया गया। 

आसपास के गांवों में रहा दहशत का माहौल
टैंकर की दुघटना होने पर पिपरा बोरिंग और आस-पास के गांवों में दहशत का माहौल रहा। लोगों को यह डर सता रहा था कि अगर टैंकर में लीकेज या ब्लास्ट हुआ तो काफी तबाही होसकती है। कंपनी के सुपरवाइजर अमित कुमार ने बताया कि टैंकर में करीब 70 टन इंडियन ऑयल के इंडेन प्रोडक्ट की एलपीजी गैस भरी हुई थी। अगर टैंकर में डायरेक्टर ब्लास्ट होता तो घटना स्थल से एक किलोमीटर से अधिक दायरे में तबाही हो सकती थी। हालांकि अमित कुमार के अनुसार दुघटना में टैंकर को नुकसान नहीं पहुंचा था। उन्होंने बताया कि सोनौली से टैंकर की कबिन मंगवाई गई है। टैंकर को केबिन पर रखने केलिए कम से कम तीन क्रेन की जरुरत होगी।
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