पढ़ाई की उम्र में चोरी करने की कोशिश में अलग-अलग मामले में पांच मासूम पकड़े गए। कोतवाली में मासूमों की हरकत और बातचीत के लहजे को देख कर हर कोई दंग रह गया। पर्स चोरी हो जाने से किराया नहीं होने का पीड़ित युवती ने जिक्र किया तो कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने अपने पास से 200 रुपये की मदद की।
मंगलवार रात दस- ग्यारह वर्ष के उम्र के दो बच्चे मेंहदावल बाईपास पर स्थित एक मोबाइल की दुकान का शटर तोड़ रहे थे। उसी दौरान किसी व्यक्ति ने देख लिया और शोर मचाया। उसी बीच कोतवाल की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस दोनों मासूम चोरों को पकड़ कर कोतवाली ले गई। पूछताछ में दोनों मासूम कोतवाली क्षेत्र के अलग- अलग गांवों के निवासी बताए गए। पूछताछ में एक मासूम ने बताया कि उसके पिता ड्राईवर है और वह कक्षा पांच में पढ़ता है। आगे बताया कि उसके चाचा के पास ट्रक भी है। जबकि दूसरे ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। जबकि उसकी मां दूसरी जगह शादी कर ली है।
वह ट्रक पर खलासी का काम करता है। दोनों को मोबाइल की लालच थी। दोनों एक - दूसरे पर चोरी की नीयत से शटर तोड़ने के लिए राजी करने का आरोप मढ़ रहे थे। उनकी बातों को सुनकर कोतवाली में मौजूद पुलिस कर्मी और अन्य दंग रह गए। वहीं दूसरी तरफ बुधवार को समय माता मंदिर परिसर से एक युवती का पर्स चोरी हो गया। पीड़ित युवती ने दो मासूम बच्चियों और एक किशोर को पकड़ कर पुलिस कर्मियों को दिया। बस्ती जिले के मुंडेरवा क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित सरिता पुत्री दुक्खी ने बताया कि उसके चाचा के पौत्र का मुंडन था। जिसमें शामिल होने के लिए वह समय माता मंदिर आई थी।
दर्शन करते समय उसका पर्स चोरी हो गया। पकड़े गए भाई बहन समेत तीन मासूमों पर शक है कि वहीं उसका पर्स चुराए है। उसके पर्स में 700 रुपये थे। अब उसके पास वापस जाने के लिए किराया भी नहीं है। कोतवाल ने तत्काल 200 रुपये दिया और पर्स मिलने पर पीड़िता को खबर के बुलाने की बात कहीं। कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि पकड़े गए मासूमों की हरकत तो कानूनन अपराध है। मामले में पूछताछ की जा रही है। एसपी को भी मामले की जानकारी दी गई है।