धनघटा थाना क्षेत्र के भरवल परवता गांव में रोते बिलखते परिजन।
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लोहरैया(संतकबीरनगर)। धनघटा क्षेत्र के भरवल पर्वता गांव में स्कूल नहीं जाने पर पिता की डांट इस कदर नागवार गुजरी कि सातवीं के छात्र ने आत्महत्या कर ली। बृहस्पतिवार को घर के बगल स्थित पशुशाला में छात्र की फंदे से लटकी लाश देख पिता बदहवास रह गए। गांव के लोगों ने उसे नीचे उतारा और खांजो के प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भरवल पर्वता गांव निवासी सुरेश पाल के तीन पुत्रों में 12 वर्षीय पीयूष पाल उर्फ शिवाजी पाल दूसरे नंबर का था। वह बगल के गांव नटवाबर में स्थित प्राइवेट स्कूल में सातवीं में पढ़ता था। गुरुवार को वह स्कूल नहीं गया। इसकी जानकारी हुई तो उसके पिता ने स्कूल नहीं जाने का कारण पूछा। उसने पिता के सवाल का जवाब नहीं दिया।
डांट फटकार लगा दी। उसी से क्षुब्ध होकर छात्र ने घर के बगल में बनी पशुशाला में फंदे से लटक कर जान दे दी। एसओ प्रदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पूछताछ में छात्र के घर वालों ने बताया कि पीयूष को उसके पिता सुरेश पाल स्कूल न जाने की वजह से डांटने के बाद गांव में सिंघाड़ा खरीदने के लिए भेजा था।
वह काफी देर तक नहीं लौटा तो परिवार के लोग उसकी तलाश करने लगे। उसे खोजते हुए उसके पिता पशुशाला में गए। छप्पर की पशुशाला में रस्सी के सहारे लटकी उसकी लाश देख सुरेश पाल अचेत हो गए। एसओ ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। मामले में छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह भी स्पष्ट हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।