कोतवाली क्षेत्र के जूरी गांव में पंद्रह दिन पूर्व रंजिश में चाकू मारे गए युवक की उपचार के दौरान गुरुवार की रात मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। गांव में युवक के मौत की खबर पहुंचते ही काफी लोग जुट गए, जिससे गांव में तनाव कायम हो गया।
पीड़ित परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने और गिरफ्तारी करने की मांग करने लगे। इधर खबर पाते ही गांव में दो थानों की फोर्स पहुंच गई। पुलिस पूर्व में दर्ज मुकदमे को तरमीम करके गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की बात क ह रही है।
जूरी गांव निवासी तूफानी पुत्र स्वर्गीय रामसमुझ का आरोप था कि पांच अक्टूबर की रात करीब नौ बजे पुरानी रंजिश को लेकर उसके गांव के बनारसी और उसके बेटे अनिल, मुनील और राजेश लाठी लेकर उसके दरवाजे पर आए और गाल-गलौज करने लगे।
इसपर विरोध करने पर रामसमुझ के बेटे मस्तराम और आसेराम को डंडे से पीटा और जबरन अपने घर उठा ले गए। आरोप था कि आसेराम को चाकू मार कर गंभीर रुप से घायल कर दिया गया। जबकि दूसरे बेटे को भी मारपीट कर जानमाल की धमकी दी गई। घटना के दिन सूचना पर पुलिस गांव पहुंची।
चाकू से घायल बेटे को जिला अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया तो प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराए। बाद में जब बेटे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए।
जहां उपचार के दौरान गुरुवार की रात मेडिकल कॉलेज में बेटे आसेराम की मौत हो गई। इधर गांव में युवक के मौत की खबर जैसे ही पहुंची, पीड़ित के घर कोहराम मच गया। गांव के लोग जुट गए और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति कायम हो गई।
पीड़ित परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बाद में कोतवाली और दुधारा की पुलिस पहुंचकर लोगों को समझाई तब जाकर मामला शांत हुआ।