जनपद के विभिन्न थानों पर एटीएम रूम तैयार होने के छह माह बाद भी एटीएम नहीं लग पाया। थाने के बाउंड्री के अंदर बना यह एटीएम रूम पुलिस कर्मियों एवं क्षेत्रीय जनता के लिए हाथी का दांत साबित हो रहा है। जबकि क्षेत्रीय जनता के आर्थिक सहयोग से जब एटीएम रूम का निर्माण थाना कैंपस में हो रहा था तो लोगों के अंदर यह उम्मीद जगी थी कि स्थानीय नागरिकों को 24 घंटे एटीएम की सुविधा पुलिस अभिरक्षा में हमेशा मिलेगी, पर विभागीय उच्चअधिकारियों की उदासीनता के कारण अब यह सोच धूमिल होता नजर आ रहा है ।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र के दो थाना बखिरा एवं मेंहदावल में एटीएम लगाने के लिए कमरे बनकर तैयार है। जब थानों पर एटीएम रूम बनाने का मसौदा एवं निर्देश आया था तो क्षेत्रीय तनता ने बढ़चढ़कर आर्थिक सहयोग करते हुए ईंट, सीमेंट, छड़ स्थानीय पुलिस प्रशासन को मुहैया कराया था। स्थानीय जनता ने भी अपनी सहभागिता इसलिए पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराया था कि थाने के करीब में एटीएम रूम खुलने से 24 घंटे नागरिकों को एटीएम सुविधा जहां मुहैया होगा। वही सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त होंगी, पर दुर्भाग्य यह है कि कमरा तो बन गया पर एटीएम मशीन लगवाने की कोई पहल नहीं हुई। नतीजा यह रहा कि स्थानीय जनता आर्थिक सहयोग करके इन एटीएम रूमों के तैयार कमरे को देखकर पुलिस प्रशासन के व्यवस्था को कोस रही है और छह महीने से तैयार यह कमरे एटीएम लगाने की बांट जोह रहे है।
स्थानीय नागरिक और व्यापारी विरेंद्र कुमार अग्रहरी, संतोष अग्रहरी, रमेश सिंह, अष्टभुजा बारी, देवेंद्र कुमार पांडेय, अजय गुप्ता आदि का कहना है कि थाना परिसर में जब एटीएम रूम का निर्माण हो रहा था। तो यह उम्मीद जगी थी कि भवन तैयार होते ही एटीएम मशीन लग जाएगा और तहसील क्षेत्र की जनता को 24 घंटे एटीएम की सुविधा उपलब्ध होगी, पर यह भवन अब क्षेत्रीय जनता के लिए हांथी की दांत साबित हो रही है। सीओ मेंहदावल उत्तम सिंह का कहना है कि विभागीय स्तर से एटीएम लगवाने के लिए पहल चल रही है। संबंधित बैंकों को पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही एटीएम मशीन लग जाएगी।