जिले में आगजनी की घटनाएं लगातार हो रही है। इसके पीछे वजह गांजा और बीड़ी का जलता हुआ ठंडल फेंक देना तो है ही, साथ ही भूसा बनाने वाली मशीन की चिंगारी भी आग का कारण बन रही है। शुक्रवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र के कुल सात स्थानों पर आग लगी। इसमें 80 बीघे गेहूं के साथ कुछ अरहर और सरसों की फसल भी जल गई।
कांटे, बघौली और सेमरियावां प्रतिनिधियों के अनुसार शुक्रवार को बालूशासन में अरहर के गांज में आग लग गई है। जबकि खम्हरियां , देवरिया लाल, बसडीला, लौकी मिश्र, सांडे़ं खुर्द और परसहर पूर्वी के सीवान में आग लगी। आगजनी की घटना में कुल मिला कर 80 बीघे गेहूं की फसल, दो बीघे सरसों और कुछ अरहर की फसल जल कर नष्ट हो गई। रजापुर सरैया में भूसा बनाने वाली मशीन से निकली चिंगारी से आग लगी।
जिससे टैक्टर ट्राली को आग पकड़ लिया। इसके अलावा आस-पास खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी जल कर राख हो गई। देवरिया लाल में मोहम्मद सिद्दीक का 12 बीघे गेहूं, रामफेर का दो बीघे गेहूं अैर सराफत व उसके भाई हिमाकत का दो बीघे सरसों की फसल जल गई। एक साथ कई जगह आग की घटनाओं की खबर सुन कर फायर बिग्रेड के कर्मी भी सकते में आ गए।
प्रभारी एफएसओ ने बताया कि शुक्रवार को जिले में आग लगने की सात सूचना मिली। करीब 80 बीघे गेहूं की फसल जल कर नष्ट होने का अनुमान है। आगे बताया कि लोगों से अपील कि बीडी अथवा सिगरेट, गांजा आदि पीने के बाद उसका जलता हुआ ठंडल कत्तई न फेंके। इसके अलावा सीवान में मछली आदि न भूने। आग से बचाव का रास्ता अख्तियार करना बेहद जरूरी है। जहां कहीं सूचना मिलती है फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच कर आग बुझाती है।