महुली क्षेत्र के मुडियारी गांव निवासी स्कूल प्रबंधक उमेश यादव की हत्या का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया। हत्या में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त लोहे की पाइप और डंडा भी पुलिस ने बरामद किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने यहीं बताया कि उसकी बहन से प्रबंधक के नाजायज संबंध थे। बार- बार मना करने के बाद भी वह हरकत से बाज नहीं आया। घटना की रात बहन के साथ उसे आपत्तिजनक हाल में देखा तो आपा खो दिया और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर प्रबंधक की हत्या कर दी।
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि दस जून को मुडियारी गांव निवासी स्कूल प्रबंधक उमेश यादव की हत्या कर फेंकी गई लाश सिसवनिया गांव के सीवान में मिली थी। प्रबंधक के बड़े भाई अवधेश यादव की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनावरण के लिए स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को भी लगाया था। प्रबंधक की गायब मोबाइल की तलाश की गई तो नहीं मिली, लेकिन इसके काल डिटेल से पुलिस को सुराग लगा। विवेचना से सिसवनिया गांव निवासी अभियुक्त गोल्डेन उर्फ सर्वेश, अजय सिंह, हेमचंद्र सिंह और झीनक उर्फ सर्वजीत प्रकाश में आए, जिन्हें पुलिस ने रविवार को सिसवनिया पुल के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी गोल्डेन उर्फ सर्वेश ने बताया कि उसकी बहन से मुडियारी निवासी स्कूल प्रबंधक उमेश यादव से अंतरंग संबंध था। फोन से भी अक्सर बहन से बातचीत करता था। मामले की जानकारी होने के बाद बहन के साथ उमेश को भी काफी समझाया गया। मना करने के बाद भी वह नहीं माना। नौ जून की रात गांव स्थित बंसवारी में बहन के साथ उमेश को आपत्तिजनक हाल में देखा तो अपने आप को रोक नहीं पाया। पहले उसने खुद मारना पीटना शुरू किया और फिर बाद में गांव के ही अजय सिंह, हेमचंद सिंह, झीनक उर्फ सर्वजीत भी सहयोग में आ गए। चारों लोगों ने मिल कर लोहे की पाइप और डंडे से पीट - पीट कर उमेश की हत्या कर दी। एसपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि प्रबंधक की मोबाइल का सिम तोड़ कर फेंक दिया और घटना में प्रयुक्त लोहे की पाइप और डंडे को कुआनो नदी के किनारे फेंक दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर लोहे की पाइप और डंडे को पुलिस ने बरामद किया।
पुलिस टीम को मिला 2500 रुपये पुरस्कार
एसपी ने बताया कि हत्या के पर्दाफाश में एसओ महुली रमेश यादव, स्वाट टीम प्रभारी संतोष तिवारी, एसआई प्रदीप सिंह, कमलेेश सिंह, कांस्टेबल राजमंगल सिंह,राममिलन,मुनीर अहमद,विनय सिंह,आकाश यादव,ज्ञानचंद्र, विनोद पांडेय,राममगन भारती, मनोज राय,मनोज यादव और मोहम्मद जमीर शामिल रहे। पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार दिया गया है।