मृतक सुधीर निषाद के घर पर जुटे ग्रामीण।
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बखिरा क्षेत्र के लेडुवा-महुआ के झुंगिया टोला के रहने वाले पोल्ट्रीफाॅर्म संचालक सुधीर निषाद की सोमवार शाम इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से झुलसी उनकी पत्नी का इलाज अभी भी चल रहा है। परिजन देर रात शव को लेकर घर पहुंचे। 28 फरवरी को देर रात सुधीर पोल्ट्री फार्म में आग की चपेट में आकर झुलस गए थे। उन्हें बचाने समय पत्नी रुक्मिणी और दो बच्चे झुलस गए थे। गंभीर रूप से झुलसे पति-पत्नी को आनन फानन में मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाया गया था, जहां लखनऊ रेफर कर दिया गया था। छह दिन बाद सुधीर की उपचार के दौरान मौत हो गई। चाचा लालचंद निषाद ने बताया कि सुधीर घर का एक मात्र कमाऊ सदस्य था।
वह काफी मिलनसार था। पूर्व में सुधीर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुका है। आमदनी के लिए सुधीर ने घर के निकट ही पोल्ट्री फार्म खोला था, किन्तु उसे क्या मालूम था कि दो साल में ही आमदनी का जरिया बना पोल्ट्री फार्म उसकी मौत का कारण बनेगा। वहीं झुलसी गर्भवती पत्नी रुक्मिणी का भी इलाज लखनऊ में चल रहा है। उनकी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऑपरेशन करके डॉक्टरों ने प्रसव कराया है। बच्चा भी आईसीयू में है।
पत्नी अपने निकट सुधीर को न पाकर दहाड़े मार कर रो रही है। बार-बार वह पूछ रही है कि उसके पति कहां गए। सात साल का बेटा क्षितिज व तीन साल की बिटिया पिता को खोज रही है। सुधीर की माता इंद्रावती व सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त अभियंता पिता मुरलीधर बार-बार अपने को कोसते हुए कह रहे हैं, कि किस मनहूस घड़ी में सुधीर को पोल्ट्री फार्म खुलवाया था। मालूम होता कि मौत का कारण बनेगा तो कभी भी पोल्ट्रीफाॅर्म नहीं खुलवाते। इतना कहते हुए दहाड़े मारकर दोनों बेहोश हो जा रहे थे।