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आक्रोश के आगे बेबस दिखी पुलिस

Wed, 22 Feb 2017 12:38 AM IST
Sant Kabir Nagar
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आरोपियों को पुलिस लाइन ले जाने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत। - फोटो : अमर उजाला
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खलीलाबाद के गोलाबाजार में फर्जी आयकर टीम की सूचना मिलने के बाद व्यापारियों के साथ ही आम लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। माहौल इस कदर गर्म हो गया कि व्यापारी और स्थानीय लोग फर्जी आयकर टीम को उनके हवाले करने की मांग करने लगे। इसी बीच पुलिस ने आरोपियों को स्वर्ण सर्राफ की दुकान से निकालने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के आक्रोश को देखते हुए बैकफुट पर आना पड़ा। ऐसा कई बार हुआ। बाद में कई राजनीतिक दलों के तमाम नेता भी पहुंचे और मान मनौव्वल के बाद पुलिस आरोपी को ले जा सकी।
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हालांकि इस दौरान कई बार लोगों की पुलिस की नोकझोंक भी हुई। फर्जी आयकर टीम के पकड़े जाने की जानकारी होते ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। इसी बीच सांसद शरद त्रिपाठी, भाजपा नेता दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, श्याम सुंदर वर्मा, सुनील छापड़िया, अमित जैन, रालोद नेता गंगा सिंह सैंथवार, भाकपा नेता विजय शुक्ल, सपा प्रत्याशी जावेद खान आदि बारी-बारी से पहुंच गए। इसी बीच अपर पुलिस अधीक्षक एके वर्मा, कोतवाल कमला यादव के साथ ही क्राइम ब्रांच,स्वाट टीम ने लोगों को शांत कराकर फर्जी आयकर टीम के लोगों को वहां से निकालने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस बेबस नजर आई। इस दौरान कई बार पुलिस व भीड़ के बीच नोकझोंक हुई। 

इसी बीच डीएम रमाकांत पांडेय, पुलिस अधीक्षक हीरालाल सहित बड़ी संख्या में फोर्स पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए सख्ती दिखाई। लोगों के प्रयास के बाद पुलिस पकड़े गए लोगों को बाहर निकाला और वज्र वाहन में बैठाया। इस दौरान भी आक्रोशित लोगों ने पकड़े गए लोगों पर हाथ साफ करने में भरसक प्रयास किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों को बाहर निकालकर पुलिस लाइन ले जाने में सफल हो पाई। इन दो घंटे के दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। स्थिति यह रही कि घरों के छतों से लेकर नव निर्मित पुल पर भी भीड़ तमाशबीन बनी रही। आरोपियों को जब पुलिस निकालने के सफल हुई तो फिर यातायात व्यवस्था को बहाल करने में जुटी।
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रुद्रपुर का निवासी है   मास्टर माइंड रमेश ः एसपी हीरालाल ने बताया कि पूछताछ में फर्जी आयकर और सीबीआई टीम का मास्टर माइंड रमेश प्रजापति है।  जो देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र महेशपुर गांव का निवासी है। टीम में शामिल अन्य लोगों में वृजेश शाही निवासी नौतन थाना रामपुर कारखाना, संदीप यादव निवासी धतूराखास थाना गौरीबाजार, रंजू चौहान पुत्री रामअधार चौहान निवासी गौरीबुजुर्ग, थाना गौरीबाजार जिला देवरिया हैं। जबकि देहरादून(उत्तराखंड) निवासी नईम राहत और ड्राइवर कौशल सिंह निवासी मवईया कानपुर रोड लखनऊ भी टीम में शामिल हैं। पूछताछ में भागे शख्स की पहचान गोरखपुर जिले गुलहरिया थाना क्षेत्र निवासी राम राम प्रताप के रूप में हुई। इन लोगों के कब्जे से फर्जी आईकार्ड, यूपी पुलिस का बिल्ला व वर्दी, मुंगेर निर्मित 32 बोर की पिस्टल, नकदी और नीलीबत्ती लगी इनोवा गाड़ी मिली है। मास्टर माइंड स्कूल का संचालक है। जिसने कर्ज से मुक्ति पाने के लिए यह प्लान बनाया था।
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