महुली क्षेत्र के गूमानारी उर्फ बहराई में पट्टे की मिली जमीन की दीवार को पुलिस द्वारा गिराए जाने का आरोप लगा है। आरोप है कि दीवार गिराने का विरोध करने पर पुलिस ने उनकी पिटाई भी की गई।
गूमानारी उर्फ बहराई में बंजर की जमीन में गांव निवासी दशरथ पुत्र महादेव, राजकरन पुत्र महादेव, हरिपाल पुत्र सहदेव, धर्मपाल पुत्र सहदेव, नाथूराम पुत्र रामलौट, शत्रुघ्न पुत्र रामलौट, अमरनाथ पुत्र विश्वनाथ, महेश पुत्र हरी और महेश पुत्र रामदीन के नाम से दो मार्च 2015 को धनघटा तहसील प्रशासन द्वारा आवासीय पट्टा आवंटित किया गया था। शनिवार को पट्टाधारकों ने पट्टाशुदा जमीन पर दीवार चलानी शुरू कर दी।
पट्टा धारक दशरथ, राजकरन, हरिपाल, धर्मपाल आदि का आरोप है कि विपक्षियों के प्रभाव में आकर महुली पुलिस ने रात में लगभग दस बजे मौके पर पहुंच कर जबरियां दीवार गिराना शुरू कर दिया। आरोप है कि पूर्व प्रधान पति रामचेत यादव और अन्य पट्टाधारकों ने जब दीवार गिराने का कारण पूछते हुए विरोध करना चाहा तो पुलिस ने पूर्व प्रधान पति और अन्य पट्टाधारकों की पिटाई कर दी।
इतना ही नहीं पुलिस ने रामचेत, बाबूराम पुत्र रामलौट, हरिराम पुत्र सहदेव, दशरथ पुत्र महादेव और बबलू पुत्र रामचेत को पकड़कर थाने ले गई और कुल सात लोगों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।
प्रभारी थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा दीवार गिराने और पिटाई करने का आरोप गलत है। एसडीएम के आदेश के बाद भी दिन में इन लोगों ने दीवार चलाने का काम बंद नही किया था। इस कारण रात में इन सभी को थाने लाकर शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया।