फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घटना स्थल से लेकर जिला अस्पताल तक हर ओर मची थी चीख्ा-पुकार

Mon, 14 May 2018 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रही अफरातफारी का माहौल रहा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
संतकबीरनगर। चिलचिलाती धूप के बीच मेंहदावल बाईपास पर रविवार को हुआ हादसा देख लोग दहल उठे। घटना स्थल से लेकर जिला अस्पताल तक हर ओर चीख पुकार मची हुई थी। मौके पर जुटी भीड़ और ट्रैफिक के पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया।
विज्ञापन


मौके पर जुटे लोग यहीं कह रहे थे कि जिंदगी अब कैसे सुरक्षित रहेगी। सड़क के किनारे खड़े होकर लोग अपने गंतव्य को जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे और अनियंत्रित बोलेरो ने उन्हें रौंद दिया। घटना के वक्त मौजूद लोग तो वाकया देखकर दांतों तले अंगुली दबा लिए। 
बेटे का मुंडन संस्कार और बाप की हो गई मौत ः  शहर के कोईरीपुरवा मोहल्ला निवासी टेलीफोन एक्सचेंज में लाइनमैन का काम करने वाले रामरतन प्रजापति के तीन बेटों में सबसे छोटे 28 वर्षीय श्यामू प्रजापति भी घटना के वक्त रास्ते से गुजर रहे थे और उन्हें भी बोलेरो ने अपनी चपेट में ले लिया। घायलावस्था में अस्पताल पहुंचाए गए,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन


पीड़ित पिता रामरतन अस्पताल पहुंचे तो बेटे का शव देखकर फफक पडे़। भाइयों और दोस्तों की चीखपुकार सुनकर लोग द्रवित हो गए। पिता ने बताया कि तीन बेटों में बडे पन्ने लाल,मझले नन्हे लाल और छोटा श्यामू था। बेटा श्यामू मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था।

बड़े के पास छह महीने का बेटा लड्डू है, उसका रविवार को ही मुंडन संस्कार भी है। पति की मौत से अंजू बेहाल थी। मां अमरावती और परिवार के लोग गमगीन थे। नाते-रिश्तेदारों के साथ मोहल्ले के लोग भी अस्पताल पहुंच गए थे। श्यामू की सभी तारीफ कर रहे थे। लोग यहीं कह रहे थे कि श्यामू की मौत सभी को अखर गई।        

 अपना दर्द भुला कर मां की चिंता कर रहा था घायल बेटा ः दुधारा क्षेत्र के गंगौली गांव निवासी नसीबुन्निशा पत्नी सेराज अहमद अपने बेटे सरफराज,बेटी इसरा खातून और गांव की रहने वाली सालेहा खातून व उनकी पुत्री हफ्सा खातून के साथ मेंहदावल बाईपास पर सड़क किनारे खड़े होकर खलीलाबाद से अपने गांव जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी।

उसी दौराल बोलरों ने रौंदा तो सालेहा को छोड़ कर सभी लोग घायल हो गई। घायल दस वर्षीय बेटा सरफराज अस्पताल मेें अपनी चोटों की परवाह किए बिना अपनी मां को देखने के लिए ब्याकुल था। जब लोग उसकी घायल मां नसीबुन्निशा को उसके पास लाकर इलाज शुरु किए तभी उसके रोने की आवाज थमी। रोते हुए नसीबुन्निशा ने बताया कि उसके पति सऊदी में है।

वह अपनी बीमार मां को देखने बस्ती गई थी। वापस लौटते दौरान हादसे में उसके अलावा बेटे और बेटी भी घायल हो गई। परिजनों को सूचना देने के लिए लोगों से गुुहार लगा रही थी। सूचना पर परिजन और गांव के लोग पहुंच गए।  

 जयपुर से लौट रहे थे और हो गए घायल ः बखिरा निवासी घायल लाल सिंह ने बताया कि वह अपनी बेटी प्रिया को विदा कर जयपुर से ला रहे थे। वाहन का इंतजार भारी पड़ गया और हादसे में गंभीर रुप से घायल हो गए। उनके साथ रहे मौजूद युवक भी घटना देख घबड़ा गए। घटना की सूचना परिजनों को दी।  

 ट्रेन नहीं छूटी होती तो शायद नहीं होते जख्मी ः बखिरा क्षेत्र के खरवनिया गांव निवासी मोहम्मद शमशाद पुत्र आस मोहम्मद ने बताया कि वह मुंबई जाने के लिए राप्ती सागर एक्सप्रेस पकड़ने खलीलाबाद आए थे। ट्रेन छूूट गई तो वह लौट कर घर जाने के लिए मेंहदावल बाईपास पर वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी बोलरो ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में जख्मी होने के बाद वह सिर्फ रो रहे थे।  

 गुजरात से लौट रहे गांव,हादसे में हो गए घायल ः बखिरा क्षेत्र के नवापार गांव निवासी घायल धर्मेंद्र निषाद पुत्र जगदीश निषाद ने बताया कि वह बलसाद गुजरात से कमा कर घर लौट रहे थे। बखिरा जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे। उन्हें यह नहीं पता था कि वाहन का इंतजारी भारी गुजर जाएगी। 

 सवारी बैठाने को रोका गाड़ी तो बोलरो ने मारी टक्कर ः सहसराव माफी निवासी घायल ई रिक्शा चालक वली मोहम्मद पुत्र शाह मोहम्मद ने बताया कि वह जैसे ही सवारी देख कर अपनी गाड़ी रोकी, बोलेरो ने चपेट में ले लिया। घायल वह तड़प रहा था और अस्पताल में यही कह रहा था कि जल्दी उसका उपचार कराएं।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें