लालच बुरी बला है। यह कहावत हत्यारोपी बेचन उर्फ रामबचन पर चरितार्थ होती है। रकम के लालच में ही उसने अपने दोस्त की प्रेमिका के पति की हत्या की। वहीं विंध्याचल ने प्रेम संबंध में रोड़ा बन रहे रणजीत को रास्ते से हटाने की पहले साजिश रची और फिर रेकी कर घटना को अंजाम दिया। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पूछताछ में कत्ल की वजह साफ हुई।
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज के पिडहनी गांव निवासी रणजीत यादव को वर्ष 2013 में उसके बहनोई के चचेरे भाई देवरिया जिले के एकौना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव का निवासी विंध्याचल यादव ने सऊदी अरब भेजने में मदद की थी। रणजीत के जाने के बाद विंध्याचल और संगीता का संबंध स्थापित हुआ। वर्ष 2015 में घर वापसी पर रणजीत को इसकी जानकारी हुई दोनों में विवाद होने लगा। हिदायत के बाद सुधार न होने पर पत्नी को पीटा भी। वही विंध्याचल को भी हिदायत दी।
इसके बाद संगीता और विंध्याचल ने हत्या की साजिश रची। इसके लिए विंध्याचल ने दोस्त आजमगढ़ के रौनापार क्षेत्र के इस्माईलपुर गांव निवासी बेचन यादव उर्फ रामबचन से संपर्क स्थापित किया। बेचन ने हत्या करने के लिए एक लाख रुपये की डिमांड की। विंध्याचल ने उसे 10000 रुपये एडवांस में भी दिए। शेष रकम अदायगी के एवज में विंध्याचल ने उसे अपने साथ सऊदी ले जाने का वादा किया था। वहीं सुनीता को पता था कि उसके पति रणजीत नौ जुलाई को बांसगांव में शादी में शरीक होने बेलघाट क्षेत्र में बढ़नी गोपालपुर गांव जाएगा। बारात में विंध्याचल भी शरीक भी हुआ ,जहां से उसे शराब पिलाने के बहाने बेचन को सिकरीगंज ले आया। जहां शराब पिलाने के हत्या करके शव धनघटा क्षेत्र में फेंक दिया।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय के मुताबिक जब रणजीत अपने दोस्त सत्येंद्र के घर तिलक कार्यक्रम में गया था, तब भी आरोपी वहां पहुंचे और पता किया कि बारात कब और कहां जाएगी। वारदात के बाद विंध्याचल बेचन के साथ उसके गांव चला गया। यहीं से संगीता को हत्या की जानकारी दी। किसी को शक न हो, इसी वजह से रणजीत के अंतिम संस्कार भी विंध्याचल शामिल हुआ। दोनों आरोपी सऊदी भागने की फिराक में थे। पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।