करोड़ा देवी के रोते बिलखते परिजन।
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संतकबीरनगर। दुधारा क्षेत्र के छाता गांव में बुधवार की भोर में महिला ने अज्ञात कारणों से आग लगा ली। महिला की गुहार पर परिजन पहुंच गए और आग बुझाए। परिजन आनन-फानन में झुलसी महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाए, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, बीमारी की वजह से तनाव में आकर आत्म हत्या कर ली।
छाता गांव निवासी 35 वर्षीय करोड़ा देवी पत्नी बहाऊ लाल मंगलवार की रात अपनी झोपड़ी में बच्चों के साथ सोई हुई थी। बुधवार भोर में दरवाजे पर आग की लपटों से घिरी करोड़ा देवी के चीखने-चिल्लाने पर परिजन पहुंच गए। किसी तरह आग बुझाकर 108 नंबर पर सूचना देकर एंबुलेंस बुलाई और उसे जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
महिला के ससुर हरिराम और सास धर्मराजी ने बताया कि भोर में दरवाजे पर बहू ने कब खुद को आग लगाई, किसी ने देखा नहीं। बहू की चीख-पुकार पर हरिराम बचाव में पहुंच गए और लोगों की मदद से आग बुझाई। अस्पताल लाने पर बहू की मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि यदि बहू झोपड़ी में आग लगाती तो पूरा परिवार आग की भेंट चढ़ जाता।
परिजनों का कहना है कि बहू अक्सर बीमार रहने से परेशान थी और उसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली है। उसके चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी ममता (16), बेटा विनय (13), बेटी साधना (08) और बेटी संध्या (07) हैं। पति बहाऊ लाल मेहनत मजदूरी करते हैं। पत्नी की मौत पर बहाऊ लाल गमगीन थे।
सूचना पर हड़िया बस्ती से महिला के मायके के लोग भी आ गए थे। महिला के बड़े पिता संतराम ने बताया कि बेटी ने आत्महत्या कर ली है। अब उसके बच्चों के भविष्य की चिंता है। एसओ करुणाकर पांडेय ने बताया कि महिला के आत्महत्या कर लेने की सूचना मिली है। शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।